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आंखों के सामने थम गईं पांच लोगों की सांसें, तड़पकर हुई तीन बच्चों की मौत, एंबुलेंस की देरी बनी काल

Fri, 07 Feb 2020 01:16 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
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कन्नौज दर्दनाक हादसा - फोटो : अमर उजाला
कन्नौज हादसे का शिकार हुए परिवार में गम और गुस्सा है। पानी से निकाले जाने के करीब 15 मिनट तक सभी की सांसें चलती रही थीं। बाद में एक-एक कर पत्नी, दो बच्चों, बहन और भांजे की सांसें उखड़ती चली गईं, वह कुछ नहीं कर सका। पांच लोगों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है।

 
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तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर नहर में पलटी एक ही परिवार की दो महिलाओं और 3 बच्चों की मौत - फोटो : amar ujala
अगर समय पर एंबुलेंस पहुंच जाती तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता। गौरव में गुस्सा इतना था कि परिजन उसे शांत करने का प्रयास कर रहे थे लेकिन वह बार-बार हादसे के मंजर को सोचकर भड़क रहा था। गौरव कहना था कि हादसे के लिए लोक निर्र्माण और सिंचाई विभाग जिम्मेदार है।

 
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नहर से निकाली गई कार - फोटो : अमर उजाला
इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए। गौरव ने बताया कि समय पर प्राथमिक उपचार मिल जाता तो कई जानें बचाई जा सकती थीं। नहर में कार के गिरते ही सबसे पहले सिपाही गौरव खिड़की से बाहर निकला। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से सभी लोगों को बाहर निकला गया।

 

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क्षतिग्रस्त कार - फोटो : अमर उजाला
गौरव ने बताया कि करीब 15 मिनट तक पत्नी, बच्चे और बहन जिंदा रही। बाहर निकलने के बाद सबसे पहले पत्नी प्रिया ने बच्चों की तरफ देखा। करीब दो बार बेटी लाडो को पुकारा। वहीं बहन मोनी एक बार खड़ी भी हुई थी। हादसे का मंजर देखकर जमीन पर गिर पड़ी।

 
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घटना के बाद मौके पर लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद फिर आंखें नहीं खोलीं। अगर 15 मिनट के अंदर एंबुलेंस टीम पहुंच कर प्राथमिक उपचार दे देती तो शायद उसका परिवार न उजड़ता। उसकी आंखों के सामने एक के बाद एक कर सांसें थमती गईं और वह कुछ नहीं कर सका।
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