बैंकों, वित्तीय संस्थानों और कंपनियों में होने वाली धोखाधड़ी रोकने की जिम्मेदारी चार्टर्ड एकाउंटेंटों (सीए) की है। सीए के सर्टिफिकेट के बगैर बैंकों को किसी भी तरह का धन विदेश नहीं भेजना चाहिए।
रिजर्व बैंक ने इस तरह की गाइड लाइन जारी की है लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। ये बातें सीए हिमांशु कपूर ने शनिवार को सिविल लाइंस स्थित रागेंद्र स्वरूप आडिटोरियम में सीए स्टूडेंटों के लिए हुए सेमिनार में कही।
उन्होंने बताया कि देश की पूंजी को विदेश भेजने के लिए सख्त नियम हैं। रिजर्व बैंक की तरह इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने भी इसका सर्कुलर जारी किया है। इसके बाद भी कुछ माह पहले बैंक ऑफ बड़ौदा में छह हजार करोड़ का फ्रॉड हो जाता है।
यदि बैंक पैसा विदेश ट्रांसफर करने से पहले चेक करता कि किस सीए ने सर्टिफिकेट जारी किया है तो फ्रॉड करने वाले शिकंजे में आ जाते। उन्होंने बताया कि पैसा भेजने से पहले सीए से मिले सर्टिफिकेट को इनकम टैक्स की साइट पर अपलोड करना होता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जयपुरिया स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. सुंदर गांडीकोटा रहे। अध्यक्षता सीए दीपक कपूर ने की। पहले सत्र में सीए दीपक कपूर, हिमांशु कपूर, अनिल सक्सेना ने भी जानकारी दी।
दूसरे सत्र में सीए मनु अग्रवाल, दीप कुमार मिश्र, प्रखर गुप्ता ने विचार रखे। यहां पीयूष अग्रवाल, सीए रुचि अरोड़ा, कुश लालवानी मौजूद रहे। सत्र के बाद सीए स्टूडेंटों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किए। इसमें सौम्या गुप्ता, तान्या मेहता और स्मृता भट्टी का योगदान रहा।