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खुलासा: 12 बोगस कंपनियां बनाकर ठगों ने खपाई करोड़ों की रकम, जेल भेजे गए आरोपियों ने किया बड़ा खुलासा

Tue, 13 Sep 2022 09:19 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

क्राइम ब्रांच ने यश यादव, श्रवण यादव और अनुपम द्विवेदी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसमें अनुपम की भूमिका सबसे बड़ी थी। चीनी मास्टरमाइंड का मुख्य गुर्गा अनुपम ही था। जिसने पूरा जाल फैला रखा था।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जेल भेजे गए आरोपियों ने बड़ा खुलासा किया है। एक शातिर ने 12 बोगस कंपनियां बना रखी हैं। जिसके जरिये वह ठगी की काली रकम को वह सफेद करता था। उस रकम को क्रिप्टो में एक्सचेंज कर चीन में बैठे अपने आकाओं को भेजता था। क्राइम ब्रांच ने इन कंपनियों का ब्योरा जुटाया है।

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क्राइम ब्रांच ने यश यादव, श्रवण यादव और अनुपम द्विवेदी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसमें अनुपम की भूमिका सबसे बड़ी थी। चीनी मास्टरमाइंड का मुख्य गुर्गा अनुपम ही था। जिसने पूरा जाल फैला रखा था। क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि अनुपम ने एक दर्जन बोगस कंपनियां बना रखी थीं। जिसके जरिये वह ठगी की रकम खपाता था।

जांच टीम ने इन कंपनियों का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। कंपनियों के दस्तावेज आदि जुटा रही है। जानकारी यह भी मिली है कि चीनी ठगों ने देश भर में दर्जनों गिरोह सक्रिय कर रखे हैं। जो देश के अलग-अलग हिस्सों में ठगी को अंजाम दे रहे हैं।

फर्जी दस्तावेजों पर बनाई कंपनियां
यश यादव एक कंपनी सेक्रेटरी के संपर्क में था। उसी के जरिये ये कंपनियां रजिस्टर कराई गईं। सूत्रों के मुताबिक कंपनियां फर्जी दस्तावेजों पर बनाई गईं। इसमें दर्ज किए गए मोबाइल नंबर भी फेक आईडी/प्री-एक्टिवेटेड हैं। पिछले दो वर्षों में कई करोड़ रुपये इधर से उधर इन कंपनियों के जरिये किए गए। क्राइम ब्रांच इसकी परतें खोलने के प्रयास में जुटी हैं। गिरोह में कितने लोग हैं, इसका अंदाजा अब तक नहीं है।
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विदेश मंत्रालय को दी जानकारी
विदेशी कनेक्शन सामने आने की वजह से कमिश्नरी पुलिस ने इसकी जानकारी विदेश मंत्रालय को दी है। इसके जरिये चीन में भारतीय एंबेसी के जरिये वहां की एंबेसी को जानकारी दी जाएगी। चूंकि मुख्य ठग चीन के हैं। इसलिए इसमें सीबीआई की भी मदद ली जा सकती है। सीबीआई इंटरपोल की मदद से विदेशी ठग पर शिकंजा कस सकती है।
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