जांच टीम ने इन कंपनियों का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। कंपनियों के दस्तावेज आदि जुटा रही है। जानकारी यह भी मिली है कि चीनी ठगों ने देश भर में दर्जनों गिरोह सक्रिय कर रखे हैं। जो देश के अलग-अलग हिस्सों में ठगी को अंजाम दे रहे हैं।
फर्जी दस्तावेजों पर बनाई कंपनियां
यश यादव एक कंपनी सेक्रेटरी के संपर्क में था। उसी के जरिये ये कंपनियां रजिस्टर कराई गईं। सूत्रों के मुताबिक कंपनियां फर्जी दस्तावेजों पर बनाई गईं। इसमें दर्ज किए गए मोबाइल नंबर भी फेक आईडी/प्री-एक्टिवेटेड हैं। पिछले दो वर्षों में कई करोड़ रुपये इधर से उधर इन कंपनियों के जरिये किए गए। क्राइम ब्रांच इसकी परतें खोलने के प्रयास में जुटी हैं। गिरोह में कितने लोग हैं, इसका अंदाजा अब तक नहीं है।