सोना सस्ता होने की उम्मीद में खरीदारी करने से परहेज कर रहे हैं तो यह इस साल संभव नहीं होगा। बाजार के जानकार बता रहे हैं कि सोने में निवेश करने का यह उचित समय है। निकट भविष्य में न तो सोने का भाव गिरेगा और न ही बढ़ेगा। धनतेरस के आसपास थोड़ा उछाल जरूर आ सकता है लेकिन इससे बाजार बहुत अधिक प्रभावित नहीं होगा।
दरअसल इस कयासबाजी में बाजार के जानकार पर्दे के पीछे की हकीकत बयां कर रहे हैं। सोने की कीमत भले ही अंतर्राष्ट्रीय बाजार तय करता हो लेकिन स्मगलिंग में बढ़ोतरी की वजह से अक्सर पब्लिक को वास्तविक कीमत से सस्ता सोना मिलता है। वर्तमान में सोने का रुख देकर ऐसे ही कयास लगाए जा रहे हैं।
ब्रेजिग्ट के बाद सोने के भाव में तेजी की आशंका जताई जा रही थी। सोना तेज तो हुआ लेकिन उम्मीद के मुताबिक नहीं। इसी तरह खुले बाजार में सोने की कीमत एमसीएक्स (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) के भाव से एक से दो हजार रुपये कम है। सोने का एमसीएक्स भाव 32, 500 रुपये प्रति 10 ग्राम है जबकि हाजिर भाव (फुटकर बाजार का भाव) 31, 200 रुपये ही है। यानी पब्लिक को करीब एक हजार रुपये सस्ता सोना मिल रहा है। सराफा बाजार के जानकारों का कहना है कि यह तभी संभव होता है जब सोने में स्मगलिंग बढ़ जाती है। यानी उन्हें कस्टम ड्यूटी नहीं देनी पड़ती। एमसीएक्स में सोने की वास्तविक कीमत होती है लेकिन खुले बाजार में यदि कीमत कम है तो इसका मतलब सोना खरीदारों को अन्य स्रोतों से माल मिल रहा है।
वास्तविक कीमत से सस्ता मिल रहा सोना
यूपी सराफा एसोसिएशन के मंत्री राम किशोर मिश्र ने बताया कि सोने के भाव में बहुत अंतर नहीं आने वाला। ग्राहकों को सोना वास्तविक कीमत से सस्ता मिल रहा है। यह स्थित जारी रहेगी। नए साल में भले ही भाव में कुछ परिवर्तन दिखे, लेकिन फिलहाल स्थिति स्थिर है।