जीआरपी ने सुसाइड नोट में लिखे मोबाइल नंबर के जरिए परिजनों को सूचना देकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। कारोबारी धर्मपाल के परिवार में पत्नी संगीता के अलावा बेटा पुनीत है जो लखनऊ में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। परिजनों ने बताया कि धर्मपाल रविवार दोपहर खाना खाने के बाद बिना बताए घर से निकल गए थे।
सिपाही ने कॉल कर भतीजे को दी सूचना
देर शाम तक घर वापस न लौटने पर पजिरनों ने उनकी खोजबीन शुरू की। शाम करीब छह बजे जीआरपी के सिपाही ने उनके भतीजे को कॉल कर घटना की सूचना दी। परिजन स्टेशन पहुंचे और शव की शिनाख्त की। जीआरपी इंस्पेक्टर ओम नारायण सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पीठ में ट्यूमर, कैंसर से डर रहे थे कारोबारी
परिजनों ने अनुसार उनकी पीठ में ट्यूमर था। उनका ट्यूमर कहीं कैंसर का रूप न ले ले, इसको लेकर वह डिप्रेशन में रहने लगे थे। इसके बाद वह अवसाद में चल रहे थे। परिजनों के अनुसार वह कहीं भी अपना इलाज नहीं करा रहे थे। उन्होंने परिजनों से कहा भी था कि अब वह ठीक नहीं हो पाएंगे। इसी डिप्रेशन में उन्होंने ट्रेन से कटकर जान दे दी।
नौबस्ता निवासी वृद्धा की ट्रेन की चपेट में आने से माैत
उन्नाव में कानपुर के थाना नौबस्ता के मोहल्ला उस्मानपुर नटवन टोला निवासी गुलशन (60), पति रमेश नागर के साथ रविवार को मगरवारा के नैकानी माता मंदिर आईं थीं। उनके साथ बेटे सुशील, सुनील, दीपक, बेटियां लता, ममता भी थी। मगरवारा स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आकर वृद्धा की मौत हो गई। रमेश के मुताबिक, लौटते समय गुलशन बिछड़ गईं थी। पुलिस ने उसके पास मिले मोबाइल से जानकारी दी।