इसके अलावा 22 किलो सोने की सिल्ली मिली थी। इसमें 12 किलो विदेशी सोना था। इसकी जांच अलग से डीआरआई कर रही है। हालांकि हाईकोर्ट से पीयूष जैन को इस मामले में भी जमानत मिल गई है। लेकिन जांच चल रही है। यह पता किया जा रहा है कि उसके पास पासपोर्ट नहीं है तो यह सोने की सिल्ली कहां से आई और किससे खरीदी गई थी।
डीजीजीआई की जांच व पूछताछ में उसने स्वीकारा था कि उसके पास से बरामद रकम जीएसटी चोरी की है। इसलिए टैक्स और पेनाल्टी सहित 52 करोड़ रुपये काटकर शेष राशि लौटा दी जाए। आयकर विभाग के सूत्रों को कहना है कि जांच के दौरान पीयूष जैन, उसकी पत्नी, और पिता के पांच साल तक के आयकर रिटर्न की जानकारी जुटाई गई थी।
इसमें 15-18 लाख की कमाई दिखाई गई थी। जबकि उसके घर से अरबों रुपये कैश मिला है। वहीं जानकारों का कहना है कि पीयूष लगातार घर पर मिले अरबों की नकदी और सोने की सिल्ली को अपनी कमाई बता रहा है। अब इसमें कालेधन के बजाय आयकर वसूला जा सकेगा। पीयूष ने अपनी कमाई के संबंध में कोई भी दस्तावेज नहीं दिखाया है। सिर्फ बयान दिया है। ऐसे में उससे आयकर के नियमों के तहत टैक्स, पेनाल्टी और ब्याज वसूला जाएगा।
177 करोड़ की नकदी को माना गया था टर्नओवर
पीयूष जैन ने 177.45 करोड़ रुपये की नकदी को टर्नओवर की रकम माना था। डीजीजीआई की ओर से कोर्ट में दाखिल दस्तावेजों से इसकी पुष्टि हुई थी। कर विशेषज्ञों का कहना है कि छापे के छह दिन बाद कोर्ट में जब इसे पेश किया गया था तब इसके बयान को आधार माना गया था।