कानपुर के काकादेव थाना इलाके के शास्त्री नगर मतैय्यापुरवा में पुराने वाहनों की खरीद फरोख्त करने वाले व्यापारी रवि यादव (38) ने सोमवार दोपहर तीन बजे फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस और फॉरेंसिक टीम को मृतक की जेब से पांच पन्नों का सुसाइड नोट मिला। व्यापारी ने साझीदार दो सगे भाइयों पर 15 लाख रुपये हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है।
रवि यादव अपने बड़े भाई अंबिका, पंकज के साथ दोपहिया समेत कार, पिकअप, लोडर आदि वाहनों को कमीशन पर खरीदने बेचने का व्यापार करते थे। परिवार में पत्नी दीपिका, मां मानती, दो बेटे अक्षय व दिव्यांश हैं।
परिजनों का आरोप है कि दोनों भाइयों ने रवि के एक दोस्त को भी फांसा है। काकादेव इंस्पेक्टर राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। सुसाइड नोट जांच के लिए हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजा जा रहा है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
दोनों भाइयों ने मेरे साथ विश्वासघात किया...
घटना से तीन दिन पहले रवि ने सुसाइड नोट लिखा कि एक साल से परेशान था। लिखा कि बीते साल जनवरी में दोनों भाइयों को अपनी रजिस्ट्री गिरवी रखकर नकद 10 लाख रुपये दिए थे। भाइयों ने कहा था कि वह दोनों मिलकर गाड़ी उठाएंगे और जो बचेगा आधा-आधा बांट लेंगे।
दोनों भाइयों ने मिलकर उसके दोस्त रवि कुमार के नाम पर कार फाइनेंस कराई और उसके फाइनेंस का पैसा अपने खाते में मंगवाकर हड़प लिया। इससे वह पूरी तरह बर्बाद हो गया। दोस्त रवि पर भी लोन हो गया।
आरोपी भाइयों ने बड़े भाई अंबिका की गाड़ी पर भी लोन करा लिया जिससे उनका पैसा भी नहीं मिला। दोनों ने मेरे साथ विश्वासघात किया है...। मेरी वजह से मेरा दोस्त भी फंस गया। मैं चाहता हूं कि मेरे जाने के बाद दोनों भाइयों को सजा मिलनी चाहिए। मेरे दोस्त को बैंक के कर्ज से मुक्त किया जाए जिसका पैसा युवराज के पास है।
मेरा पैसा घरवालों को वापस कर दिया जाए जिसकी वजह से घर में रोज झगड़ा होता है। मेरे ऊपर लोगों का कर्जा हो गया है। लोग घर आकर धमकाते हैं जिससे जीना दुश्वार हो गया है। मैं मरना नहीं चाहता था। मैं अपने आपका सामना नहीं कर पा रहा हूं...।