मुख्य अतिथि रघु भार्गव छात्र-छात्राओं से बात करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
कोई भी बिजनेस (व्यापार) छोटा या बड़ा नहीं होता। यह कहना है ग्लोबल अपसाइड इंक, अमेरिका के सीईओ रघु भार्गव का। वह शुक्रवार को कानपुर के डॉ. गौर हरि सिंहानिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च के ई-समिट में शामिल होने आए थे। रघु छात्रों से कहते हैं कि उन्होंने डेयरी से बिजनेस शुरू किया था। अब अमेरिका में उनकी करोड़ों की कंपनी है।
डॉ. भार्गव ने बताया कि वह मूलरूप से राजस्थान के अजमेर के रहने वाले हैं। 12वीं करने के बाद उन्होंने अजमेर के जीसीए कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दयानंद कॉलेज से एमए इकोनॉमिक्स करने के बाद 1980 में डेयरी फार्म खोला। खुद के पैसों से दो गाय खरीदकर काम शुरू किया। दो साल में गाय और भैंस की संख्या करीब 30 से ज्यादा हो गई। अच्छा बिजनेस चल रहा था कि पिता बीएन भार्गव का निधन हो गया। उनका नाम अजमेर के बड़े शराब कारोबारियों में शामिल था। पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ गईं।
यहां बिजनेस बंद करके उन्होंने अमेरिका जाने का फैसला लिया। ग्रीन कार्ड मिला और 1986 में वह अमेरिका चले गए। यहां अकाउंटिंग में डिग्री हासिल की और फिर नेट आईक्यू, एक्टिव आइडेंटिटी सहित कई बड़ी कंपनियों में नौकरी की। इस बीच वह अपने स्पेशलाइजेशन (विशेषज्ञता) से जुड़ा कोई बड़ा स्टार्टअप आइडिया सोचते रहे और फिर 1999 में पत्नी गीता भार्गव के साथ मिलकर ग्लोबल अप साइड इंक कंपनी की शुरुआत की। यह कंपनी एचआर, रिक्रूटमेंट, फाइनेंस और अकाउंटिंग क्षेत्र में अपनी सेवाएं उपलब्ध कराती है। इस कंपनी को शुरू करने में कुल 100 डॉलर (6516 रूपये) खर्च किए थे। आज कंपनी बीस मिलियन डॉलर (करीब दो करोड़ रुपये) की हो चुकी है।
100 देशों में कर रहे काम
रघु बताते हैं कि उनकी कंपनी भारत, अमेरिका सहित सौ से ज्यादा देशों में काम कर रही है। वह कंपनी को फाइनेंस के क्षेत्र में एक मॉडल रूप में स्थापित करना चाहते हैं। रघु बताते हैं कि उनकी कंपनी करीब दो सौ से ज्यादा कंपनियों के लिए रिक्रूटमेंट का काम भी करती है।
हाल ही में शुरू की दो नई कंपनियां
रघु बताते हैं कि उन्होंने अपनी पत्नी गीता भार्गव के साथ मिलकर हाल ही में ही सॉफ्टवेयर और ग्लोबल पीईओ नामक कंपनी की शुरूआत की है। यह दोनों कंपनियां अमेरिका के साथ-साथ भारत में भी संचालित हो रही हैं।