फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी की बसों में यात्रियों से होता है ऐसा व्यवहार, जानेंगे तो रह जाएंगे हक्के-बक्के

Sat, 19 Nov 2016 10:19 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
डेमो
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश सरकार अाैर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम यात्रियाें की सुरक्षा का तमाम दावा करता है, लेकिन हकीकत इससे कहीं इतर है। इन दावाें की पाेल खाेलने के लिए ये मामला ही काफी है। जहां अागाेश में चूर एक बस कंडक्टर ने सरेअाम एक महिला व उसके 7 साल के मासूम विकलांग बच्चे काे इस तरह बेईज्जत किया की हर काेई दंग रह गया। महिला का कसूर बस इतना था कि उसने अपनी सीट के पास अवैध तरीके से रखे जा रहे बड़े-बड़े बाेरे रखने से मना कर दिया था। पूरे घटनाक्रम का वीडियाे भी वायरल हाे गया है। मामले की शिकायत यूपी परिवहन के व्हाट्सएप पर भी कुछ लाेगाें ने की, लेकिन अधिकारियाें के कानपर जूं तक नहीं रेंगा।
विज्ञापन



 

विकलांग बच्चे काे भी नहीं छाेड़ा

बस में अवैध रूप से बाेरे लदवाता कंडक्टर
जानकारी के मुताबिक कानपुर से उरई जा रही झांसी बस डिपाे के बस संख्या यूपी 93 टी 7526 में झकरकटी बस अड्डे से एक महिला अपने सात वर्षीय विकलांग बच्चे के साथ बैठी। कुछ दूर चलने के बाद बस राेक ली गई अाैर बाहर से बड़े-बड़े कई बाेरे अाैर कार्टन अंदर रखे जाने लगे। एक बड़ा कार्टन जब महिला के सीट के पास रखा जाने लगा ताे उसने विराेध कर दिया। लेकिन मुकेश नाम के कंडक्टर ने महिला की एक न सुनी अाैर बाेरे काे उनके सीट के पास ही रख दिया। इसके बाद महिला से खुन्नस खाए कंडक्टर ने महिला से अभद्रता करनी शुरू कर दी। वह सात साल के विकलांग बच्चे का टिकट बनवाने का दबाव बनाने लगा।

वीडियाे हुअा वायरल

यात्रियाें के बैठने की जगह बाेरे रखवाए गए
महिला ने बच्चे का विकलांग सर्टिफिकेट माेबाइल पर दिखाया लेकिन इसके बावजूद घमंड में चूर कंडक्टर मुकेश ने महिला की एक न सुनी। अाराेप है कि उसने महिला अाैर बच्चे काे बस से नीचे फेंकने तक की धमकी दे डाली। इसका पास में बैठे राेहित पाेरवाल नामक शख्स ने विराेध किया ताे कंडक्टर उनसे भी भिड़ गया। राेहित ने पूरे मामले की वीडियाे बनाने की काेशिश की ताे कंडक्टर ने अपने साथी संग मिलकर उनपर हमला बाेल दिया। कंडक्टर की गुंडागर्दी से सहमे लाेग चुप हाे गए। लेकिन वीडियाे वायरल हाेते ही लाेगाे ने इसकी निंदा करनी शुरू कर दी। लाेग अब मामले में महिला अाैर उसके बच्चे के लिए इंसाफ के लिए कंडक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। 


 
विज्ञापन

लाेगाें ने की शिकायत

बस की तस्वीर
कुछ लाेगाें ने इसकी शिकायत यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम के व्हाट्सएप नंबर पर भी की, लेकिन काेई सुनवाई नहीं हुई।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें