चुनाव आयोग के निर्देश बैंकों को न दें चुनाव वाली स्याही
चुनाव में प्रयोग होने वाली अमिट स्याही बैंकों को नहीं दी जाएगी। निर्वाचन आयोग ने कानपुर के जिला निर्वाचन अधिकारी और उप जिला निर्वाचन अधिकारी को ईमेल भेजकर बैंकों को यह स्याही देने पर रोक लगा दी है। यह भी कहा है कि अगर आदेश का उल्लंघन हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।
बैंक में एक व्यक्ति द्वारा बार-बार प्रचलन से बाहर हुए नोट बदलने पर अंकुश लगाने के लिए आरबीआई और वित्त मंत्रालय ने अमिट स्याही लगाने का फैसला लिया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी/ एडीएम लॉ एंड आर्डर समीर वर्मा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के प्रमुख सचिव आरके श्रीवास्तव ने ईमेल भेजकर कहा है कि किसी भी स्थिति में जिला निर्वाचन दफ्तर अपने स्टॉक में से अमिट स्याही किसी विभाग या एजेंसी को किसी अन्य प्रयोजन के लिए (जिसमें बैंकिंग भी शामिल है) न दे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा है कि निर्वाचन आयोग का आदेश आने के बाद बैंकों और डाकघरों को अमिट स्याही देना संभव नहीं है। इन्हें अपने स्तर से स्याही की व्यवस्था करनी होगी।
मैसूर की कंपनी को तीन लाख शीशी स्याही का ऑर्डर
अमिट स्याही
हजार व पांच सौ के नोट बदलवाने आए लोगों की अंगुली में स्याही लगाने के लिए रिजर्व बैंक ने मैसूर की एक कंपनी को तीन लाख शीशी स्याही का आर्डर दिया है। तत्काल हुए इस आर्डर को पूरा करने के लिए कंपनी ने पूरी ताकत झोंक दी है। सूत्र बताते हैं कि रिजर्व बैंक को हर दो घंटे में पांच हजार शीशी स्याही की डिलीवरी दी जा रही है। रिजर्व बैंक शीशी मिलते ही देश के विभिन्न हिस्सों में इसे भिजवा रहा है। रिजर्व बैंक के सूत्र बताते हैं कि चुनाव आयोग की ओर से उनकी स्याही इस्तेमाल करने पर रोक के बाद रिजर्व बैंक ने खुद ही इंतजाम कर लिया है। इसके लिए तत्काल प्रभाव से मैसूर की एक कंपनी को आर्डर दिया गया है। कंपनी में पहले से ही कुछ तैयार स्याही रखी थी जिसे सबसे पहले देश के बड़े शहरों में भिजवाया गया। इसके बाद हर दो घंटे में पांच हजार शीशी की डिलीवरी हो रही है। इसे ट्रेनों, प्लेनों, कोरियर कंपनियों और विशेष डाक के अलावा रिजर्व बैंक की सप्लाई वैनों से भेजा जा रहा है।
पांच एमएल की होगी शीशी
अमिट स्याही
अमिट स्याही पांच एमएल की शीशी में होगी। उसके ढक्कन में कूची भी लगी होगी। एक शीशी में तीन सौ लोगों को स्याही लगाई जा सकती है। यह स्याही लगाने के बाद यदि ठीक से सूख गई तो इसे एक माह तक नहीं छुटाया जा सकता। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, मुद्रा प्रबंधन विभाग मुंबई के चीफ जनरल मैनेजर पी. विजय कुमार ने सभी सरकारी और प्राइवेट बैंकों के लिए स्याही लगाने संबंधी गाइड लाइन जारी की है। उन्होंने निर्देशित किया है कि स्याही दायें हाथ की पहली अंगुली पर ही लगाई जाए। किसी अन्य अंगुली में यदि स्याही लगी है तो उसे लगी हुई न मानी न मानी जाए। स्याही लगाने के बाद थोड़ी देर अंगुली पकड़ कर रखी जाए ताकि उसे मिटाया न जा सके। एक से दो सेकेंड में स्याही सूख जाएगी।