बुंदेलखंड के महोबा जिले में तीन और हमीरपुर के छह गांवों में पाकिस्तानी टिड्डी दल ने धावा बोला। एक साथ लाखों टिड्डियों के धावा बोलने से किसानों में हड़कंप मच गया। खेतों में पहुंचे टिड्डी दल को किसानों ने थाली-ताली बजाकर और शोरशराबा कर भगाया। कृषि विभाग की टीम ने भी गांवों में पहुंचकर रसायन का छिड़काव कर भगाया।
किसानों की फसलों का टिड्डियों से आंशिक नुकसान पहुंचा है। महोबा जिले में दूसरे दिन भी टिड्डी दल ने तीन गांवों में हमला बोला। इसके पहले शुक्रवार को लमौरा, बछेछरखुर्द, बछेछरकला समेत पांच गांवों में हमला बोला था। शनिवार को पनवाड़ी विकासखंड के भरवारा, जैतपुर और नकरा गांव में पहुंचे टिड्डी दल से किसानों में हड़कंप मच गया।
किसान ताली-थाली और शोरशराबा कर टिड्डियों को खेतों में नहीं उतरने दिया। टिड्डी दल के पहुंचने की सूचना पर कृषि विभाग की टीम भी पहुंची और रसायन का छिड़काव कर भगा दिया। हमीरपुर जिले के राठ क्षेत्र के छह गांवों में शनिवार की सुबह टिड्डी दल का झुंड दिखा, लेकिन दोपहर बाद दल गोहांड क्षेत्र की ओर निकल गया।
यहां भी टिड्डियों को भगाने को किसानों ने ताली-थाली और शोरशराबा किया। इसके बाद टिड्डी दल जालौन की ओर चला गया। सुबह नौ बजे लाखों टिड्डियां पहुंचीं। टिड्डी दल ने बसेला, नौहाई, पहारी, कैंथा, रौरो आदि गांव में हमला बोला। आगे बढ़ते हुए राठ कस्बे व औंडे़रा गांव पहुंचीं। रौरो के अमित, औंड़ेरा के उत्तम शर्मा, रामसिंह आदि ने बताया कि मूंगफली की बुवाई चल रही है, जिनको टिड्डियां चट कर गईं।
मझगवां क्षेत्र के टोला खंगारन निवासी प्रभाकर तिवारी, महेश तिवारी, महबूब, डा. जगत सिंह ने बताया कि दोपहर बाद पहुंची लाखों टिड्डियां खेत खाली होने पर जंगली पेड़ों के पत्तों को चट किया। जिला कृषि अधिकारी डा. सरस तिवारी ने बताया कि गोहांड होते हुए हवा के रुख से टिड्डियां झांसी के गुरसरांय की ओर चली गईं। वहां से देर शाम जालौन जिले में जाने की उम्मीद है।