छह लाख के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग के डकैत रकम बंटवारे को लेकर जिले की सीमा से सटे सतना जिले के चमरी पहाड़ के जंगल में आपस में भिड़ गए। शनिवार की देर रात डाकुओं के बीच कई राउंड गोलियां चलीं, जिसमें सरगना बबुली की मौत के साथ ही दो के घायल होने की चर्चा है। गैंगवार की सूचना पर पुलिस अफसर जंगल पहुंचे।
पुलिस का दावा है कि डकैतों से मुठभेेड़ हुई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस सूत्रोें के मुताबिक, मध्यप्रदेश के सतना जिले के धारकुंडी थाने के चमरी पहाड़ के जंगल के पास शाम पांच बजे के आसपास बबुली गैंग के डाकू रकम बंटवारे को लेकर आपस में भिड़ गए। बबुली गैंग के लाले कोल ने फायरिंग शुरू कर दी, जिससे अन्य डाकू जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। फायरिंग के दौरान एक गोली सरगना बबुली को भी लगी।
लवलेश कोल आदि उसे घायल अवस्था में लेकर जंगल में गुम हो गए। फायरिंग में दो अन्य डाकुओं को भी गोली लगने की सूचना है। सूत्र का तो यहां तक कहना है कि गोलीबारी में सरगना की जान चली गई, मगर अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सूत्रों का कहना है कि लाले कोल गोली चलाने के बाद राइफल लेकर भाग निकला।
उधर, बबुली कोल गैंग के डाकुओं के बीच गैंगवार की जानकारी पर रविवार देर शाम छह बजे रीवा आईजी चंचल शेखर, डीआईजी रीवा जोन अविनाश शर्मा, एसपी सतना रियाज इकबाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गौतम सोलंकी कई थानों की फोर्स लेकर जंगल पहुंच गए। पुलिस को प्रतापपुर गांव के पास जंगल में एक स्थान पर काफी खून पड़ा मिला। आईजी रीवा चंचल शेखर ने बताया कि पुलिस को जल्द ही जंगल से कुछ अच्छी खबर मिल सकती है। चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक मनोज झा ने बताया कि पुलिस टीम सतना भेजी गई है।
जिस पर मौजूद गैंग के सदस्य लाले कोल ने गोली चला दी। जिससे वहां भगदड़ मच गई और अन्य सदस्यों ने भी ताबडतोड़ फायरिंग की और सभी सुरक्षित ठिकानों में भाग गए। जंगल में गोली चलने की जानकारी होते ही रींवा आईजी चंचल शेखर भारी पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस गैंगवार वाले स्थान की तलाश में जुटी है। देर शाम को प्रतापपुर गांव के चमरी पहाड़ के नीचे जंगल के एक स्थान पर पुलिस टीम को खून मिला है।
इसके बाद पुलिस टीम गैंग के सदस्यों की तलाश में जुट गई है। सूत्रों के अनुसार गैंग सरगना बबुली कोल को भी गोली लगी है और उसके मरने की संभावना है। गैंग के अन्य सदस्य लवलेश कोल आदि उसे लेकर कहीं भाग गए हैं। इसके अलावा कुछ अन्य भी घायल हुए हैं। तीन चार घंटे से किसी पुलिस अधिकारी से संपर्क नहीं हो पा रहा जिससे इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
देर शाम को आईजी रींवा ने बताया कि भारी पुलिस फोर्स जंगल में है जल्द ही कोई सफलता जरूर मिलेगी। इसके लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है। उनके साथ पुलिस उपमहानिरीक्षक रीवा जोन अविनाश शर्मा, पुलिस अधीक्षक सतना रियाज इकबाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सतना गौतम सोलंकी, एसडीओपी वीपी सिंह, थाना प्रभारी संतोष तिवारी ,थाना प्रभारी मझगवा ओपी सिंह, थाना प्रभारी धारकुंडी पवन कुमार, थाना प्रभारी थाना बरौंधा केएस टेकाम, एडी की विशेष टीम गोपाल चौबे, सुधांशु तिवारी भी चकरी पहाड़ के आसपास मौजूद रहे।
इधर चित्रकूट पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने बताया कि इस सूचना पर पुलिस टीम मप्र क्षेत्र में भी भेजी गई है। अभी कोई पुष्टि नहीं हो पा रही है। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व ही डाकू बबुली कोल गैंग ने वीरपुर पंचायत के हरषेड गांव के किसान का अपहरण कर फिरौती मांगी थी।
पांचवे दिन किसान अपने घर सकुलशन पहुंचा था तो कुछ परिजनों ने छह लाख रुपये की फिरौती पहुंचाने की बात कही थी लेकिन पुलिस ने फिरौती देने की बात से इंकार किया था। माना जा रहा है कि इस कांड में हरषेड समेत आसपास गांव के कई लोग शामिल थे।
जिसमें एक लाले कोल भी है। इसके खिलाफ अपहरण मामलेे में पुलिस ने रिपोर्ट भी दर्ज कर इनाम घोषित कर रखा है। सूत्रों की मानें तो रविवार को उसी फिरौती की रकम का बंटवारा करते समय विवाद हुआ जिसमें गैैगवार हो गया। मौके पर मौजूद लाले कोल गोली चलाने के बाद रायफल लेकर भाग गया है। उधर घायल सरगना बबुली समेत दो अन्य को लेकर लवलेश कोल जंगल में छिपा है।