कानपुर। ट्रांसपोर्ट नगर में 45 दिनों से कई प्रांतों के ट्रक खड़े हैं। इनमें करोड़ों रुपये का माल फंसा हुआ है। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट गोदामों में भी माल डंप है। ट्रकों को चलने की अनुमति न मिलने से अन्य जिलों और प्रदेशों में सप्लाई नहीं हो पा रही है। आवश्यक वस्तुओं का परिवहन छोटी गाड़ियों से प्रदेश भर में हो रहा है। इससे परिवहन बहुत महंगा हो गया है। परिवहन की महंगाई की मार अंतत: आम जनता को ही झेलनी पड़ रही है। ये बातें सोमवार को उत्तर प्रदेश युवा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम शुक्ला ने जिलाधिकारी से कही।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के आदेशानुसार सड़क मार्ग से सभी तरह का माल ढोने वाले वाहन में कोई रोक टोक नहीं है। मगर इस आदेश का कानपुर नगर में सही रूप से क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। ट्रांसपोर्ट नगर में अधिकतर गोदाम हैं। व्यापारियों का माल सड़ा जा रहा है। यही माल यदि बड़ी गाड़ियों से परिवहन किया जाए तो और सस्ता पड़ेगा। वहीं, अन्य जिलों और राज्यों में भी माल जा सकेगा। वस्तुओं का मूल्य नहीं बढ़ेेगा और आम जनता को भी राहत मिलेगी। उन्होंने ट्रांसपोर्ट गोदामों व कार्यालय में एक तिहाई व उससे भी कम स्टाफ के साथ लदाई, उतराई, बुकिंग व डिलीवरी शुरू कराने की मांग की है।