आयकर की सीमा दोगुना होने से कानपुर के व्यापारियों में जबरदस्त उत्साह है। उनका कहना है कि बजट बेहद संतुलित है और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाला है। बजट के कई सकारात्मक पहलू हैं। हालांकि सोने पर कस्टम ड्यूटी न हटने, मंडी शुल्क के संबंध में घोषणा न होने पर निराशा भी जताई गई है।
बजट अच्छा और सकारात्मक है। सरकार ने आम आदमी खासकर मध्यवर्ग को आयकर में काफी राहत दी है। जिसका बाजार पर भी सकारात्मक असर दिखेगा। हालांकि ज्वैलरी क्षेत्र में सोने पर एक्साइज ड्यूटी हटाने की मांग को सरकार ने अभी पूरा नहीं किया है।
- महेश चंद्र जैन, अध्यक्ष उप्र सराफा एसोसिएशन
सरकार की ओर से आयकर में बदलाव से छोटा व्यापारी और कारोबारी अब आयकर से मुक्त होकर काम करेगा। करीब सात लाख तक की आय पर कर नहीं लगेगा। कपड़ा बाजार में इसका असर ज्यादा दिखेगा। यहां का बहुत बड़ा वर्ग आयकर से मुक्त हो जाएगा। सैलरी वालों की टैक्स में कटौती नहीं होगी, जिसका लाभ बाजार में दिखेगा
- शेष नारायण त्रिवेदी, अध्यक्ष नौघड़ा कपड़ा कमेटी
सरकार ने आयकर की सीमा बढ़ाई है। यह अच्छा कदम है लेकिन जीएसटी की मूल अवधारणा के अनुरूप कई वस्तुओं पर मंडी शुल्क सरकार ने वापस नहीं लिया है। नोट बंदी और जीएसटी से प्रभावित छोटे व्यापारियों को सरकार ने कोई राहत नहीं दी है। ब्रांडेड गल्ला और दालों पर भी जीएसटी खत्म नहीं किया गया है।
- ज्ञानेश मिश्रा, महामंत्री अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल
बजट में उम्मीद थी कि सरकार किराना आइटमों पर लगने वाले मंडी शुल्क को वापस लेगी। लेकिन सरकार ने इसकी कोई घोषणा नहीं की। मंडी शुल्क जीएसटी के बाद भी लगाया जा रहा है। आयकर की सीमा बढ़ने से कारोबारियों-व्यापारियों को कुछ राहत होगी।
- अवधेश बाजपेई, अध्यक्ष दि किराना मर्चेंट एसोसिएशन