यूपी में उपचुनाव की तैयारियों के बीच बसपा को तगड़ा झटका लगा है। उपचुनाव से ठीक पहले जोड़ तोड़ की गणित से बसपा को भारी नुकसान होता हुआ नजर आ रहा है। एक ओर चुनावी मैदान तैयार है तो दूसरी ओर नेता पार्टी छोड़ कर जा रहे हैं।
कुछ दिन पहले बसपा छोड़ने वाले अनुभव चक के समर्थन में मंगलवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने पार्टी मुख्यालय में इस्तीफा सौंपा। इसके बाद बहुजन नायक ईवी रामस्वामी पेरियार के कथित अपमान के विरोध में बसपा कार्यालय व मायावती के आवास के सामने विरोध-प्रदर्शन किया।
बसपा की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पार्टी में बहुजन नायकों का अपमान होने लगा है। बसपा प्रमुख धन और पद का मोह नहीं छोड़ पा रही हैं। इस वजह से पार्टी छोड़ना जरूरी हो गया था। इस्तीफा देने वालों में जिला प्रभारी बबलू पासवान, राजेंद्र गुप्ता, जेपी सोनकर, अमित संखवार, अनिल चक, राजकिशोर चक, प्रभात खटिक, वीरेंद्र गौतम, अजीत कठेरिया, फिरदौस, संजय सोनकर, वीरेंद्र सोनकर, मनीष चक, हरेंद्र संखवार आदि शामिल रहे।
बसपा में बहुजन नायकों के अपमान का आरोप लगाकर पार्टी से इस्तीफा देने वाले अनुभव चक के समर्थन में मंगलवार को आठ और नेताओं ने इस्तीफा दे दिया। इसमें कल्याणपुर विधानसभा अंतर्गत आने वाले नानकारी वार्ड नंबर 26 से सभासद का चुनाव लड़ चुकीं सावित्री कठेरिया भी शामिल हैं।
महाराजपुर विधानसभा अंतर्गत आने वाले सफीपुर वार्ड 11 से चुनाव लड़ चुकीं साधना गौतम शामिल हैं। इन दोनों नेताओं के साथ समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने भी इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा कि अनुभव चक जैसे मिशनरी नेता ने जीवन के बहुमूल्य 18 वर्ष बसपा को दिए हैं।
अब वे कह रहे है कि बसपा भाई सतीश पार्टी बन चुकी है तो सभी को उनकी बात पर विश्वास है। इस्तीफा देने वालों में प्रमुख रूप से वीरेंद्र कुमार गौतम महासचिव महाराजपुर विधानसभा, राहुल संखवार पूर्व विधानसभा सचिव कल्याणपुर, आकाश, बृजेंद्र पूर्व सेक्टर प्रभारी, अजीत कठेरिया वार्ड अध्यक्ष, छोटू पासवान वार्ड महासचिव, अनिल गुप्ता, गौरव बाजपेई सेक्टर उपाध्यक्ष आदि प्रमुख नाम शामिल रहे।