पहले स्वामी प्रसाद मौर्य और अब बृजेश पाठक के बसपा छोड़ने के बाद पार्टी डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। जिन लोगों को पार्टी से बाहर किया गया था, अब उन सबको वापस लिया जा रहा है। कानपुर मंडल के तीन नेताओं की बर्खास्तगी समाप्त करके उन्हें जिला प्रभारी बनाया गया है। अगले कुछ दिनों में बसपा के कुछ और नेताओं की घर वापसी संभव है।
बसपा के बड़े नेताओं के पार्टी छोड़ने से हलचल है। अब कुनबा सहेजने की कवायद शुरू की गई है। इसी क्रम में मंगलवार को कानपुर देहात के पूर्व जिलाध्यक्ष जगदेव कुरील और जितेंद्र संखवार का निष्कासन रद कर दिया गया। मुख्य जोन कोआर्डिनेटर राम कुमार कुरील ने इन नेताओं को जिम्मेदारी भी दी है। दोनों को जिला प्रभारी बनाने के साथ ही सीसामऊ और घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी बनाया है। साथ ही कहा है कि संगठन को मजबूत बनाकर आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाएं। फर्रुखाबाद के वरिष्ठ नेता और पूर्व जोनल कोआर्डिनेटर श्री किशन गौतम का वनवास भी खत्म किया गया है। श्री किशन की बर्खास्तगी रद करके उन्हें जिला प्रभारी बनाया गया है। वह अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रभार देखेंगे। बसपा प्रत्याशी को जिताने का काम करेंगे।