मिशन 2017 की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती ने तीन अप्रैल को प्रदेश भर के जोनल और मंडल कोआर्डिनेटरों की लखनऊ में बैठक बुलाई है। इसके लिए कानपुर मंडल में भी तैयारी की जा रही है। बैठक में उन पदाधिकारियों पर गाज गिर सकती है, जिन्हाेंने अभी तक क्षेत्र की सभी विधान सभा सीटों पर प्रभारी तय नहीं किए हैं।
अभी तक दो विधानसभा क्षेत्रों आर्य नगर और छावनी में प्रभारी तय करने को लेकर स्थिति साफ नहीं हो पाई। लेकिन कई ऐसे लोग है, जो सोशल साइट पर अपने को बसपा का प्रत्याशी घोषित कर मिठाई बांट रहे हैं। इसी बीच बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष के फरमान से पार्टी के अंदर खलबली मची है।
बसपा सुप्रीमो की प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक को लेकर कहा जा रहा है कि इसमें मंडल और जोनल कोआर्डिनेटरों से उनके अभी तक के कार्यों का लेखा जोखा लिया जाएगा। यही वजह है कि जहां-जहां भी विधानसभा क्षेत्र की सीटों पर प्रभारी तय नहीं हो पाए हैं, वहां किसी न किसी को प्रभारी घोषित करने की योजना है।
बसपा के जोनल कोआर्डिनेटर अशोक सिद्धार्थ के अनुसार छावनी विधानसभा क्षेत्र में अभी किसी को प्रभारी घोषित नहीं किया गया, लेकिन पांच, छह लोगों से बातचीत चल रही है। इस बीच जानकारी मिली है कि छावनी विधानसभा क्षेत्र की सीट के लिए बसपा की जोनल इकाई एक ऐसे शख्स को टिकट देने तैयारी कर रही है, जिसका ट्रैक रिकार्ड सही नहीं है।
बताया जा रहा है कि उस शख्स ने पार्टी के पदाधिकारियों के साथ अपनी फोटो भी फेसबुक पर अपलोड की है। जिसमें उसने अपने को बसपा का प्रत्याशी (प्रभारी) बताया है। इसी तरह आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र में भी पार्टी को प्रभारी की तलाश है।