उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच बहुजन समाज पार्टी ने बड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाया है। बसपा सरकार में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रहे अनंत कुमार मिश्रा उर्फ 'अंटू मिश्रा' को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में अंटू मिश्रा का निष्कासन एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।
पार्टी विरोधी गतिविधियों पर गिरी गाज
बहुजन समाज पार्टी के केंद्रीय कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, पूर्व मंत्री अनंत कुमार मिश्रा लंबे समय से पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जा रहे थे। इसके चलते पार्टी नेतृत्व ने अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित करने का निर्णय लिया है।
साम, दाम, दंड, भेद से सावधान रहने की अपील
चुनावी माहौल के गरमाने के बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने कैडर और कार्यकर्ताओं को विशेष संदेश जारी किया है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि चुनाव के दौरान विरोधी दल साम, दाम, दंड और भेद जैसे हर तरह के हथकंडे अपना सकते हैं। ऐसे में पार्टी के सभी स्तर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को विरोधियों की साजिशों व हथकंडों से पूरी तरह सावधान रहने की जरूरत है।
आंबेडकरवादी मिशन को सफल बनाने का आह्वान
पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ बसपा के आंबेडकरवादी मिशन को आगे बढ़ाएं। आगामी विधानसभा आम चुनाव में पार्टी को ऐतिहासिक सफलता दिलाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को पूरे जी-जान से जुट जाने का कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया गया है।
अंटू मिश्रा बोले— 1-2 दिन में रखूँगा अपना पक्ष
बसपा से निष्कासन की कार्रवाई पर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनंत कुमार मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस मामले पर वह अभी कुछ नहीं कहना चाहते हैं। एक से दो दिन में वह बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर विस्तार से अपनी बात और पक्ष को सबके सामने रखेंगे।