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Kanpur Raid: "अरबों का कारोबार, मुट्ठी भर टैक्स’, महल जैसा घर और कार्यालय, 2015 में पड़ा था छापा, ये भी खुलासे

Thu, 13 Aug 2026 12:08 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कर चोरी की आशंका के चलते आयकर विभाग की टीमों ने राजस्थान लिकर कंपनी और आरती डिस्टिलरीज के कानपुर, मुंबई समेत सात ठिकानों पर सर्वे किया है। 1400 से 1500 करोड़ रुपये का वार्षिक टर्नओवर होने के बावजूद केवल 8 से 9 करोड़ रुपये का आयकर चुकाने और विदेशी शराब कंपनियों में पार्टनरशिप व संपत्तियां खरीदने के पुख्ता दस्तावेज हाथ लगे हैं।
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Kanpur IT Raid - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में कर चोरी की आशंका में आयकर विभाग की टीमों ने बुधवार को राजस्थान लिकर कंपनी और आरती डिस्टिलरीज के सात ठिकानों पर कार्रवाई की। शुरुआती जांच में विभाग को कर चोरी से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे हैं। कंपनियों का टर्नओवर 1400-1500 सालाना होने के बाद भी केवल 8-9 करोड़ का आयकर चुकाया जा रहा था।

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कंपनियों की कमाई को इधर-उधर करके कानपुर समेत देश के अलग-अलग शहरों में संपत्तियां खरीदी जा रही हैं। इसके दस्तावेज अफसरों को हाथ लगे हैं। विदेशी शराब कंपनी में भी पार्टनरशिप मिली है। 60 से ज्यादा अफसरों की अलग-अलग टीमों ने रनियां स्थित कंपनी की दो यूनिट पर कार्रवाई की। इसके अलावा स्वरूपनगर-तिलकनगर, फजलगंज, शास्त्रीनगर और माल रोड स्थित कंपनी के कार्यालयों में भी एक साथ कार्रवाई की गई।

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कंपनी के अलग-अलग शराब के ब्रांड हैं

रनियां में राजस्थान लिकर कंपनी की बीयर यूनिट संचालित होती है। राजस्थान लिकर की सहायक इकाई आरती डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड है। कंपनियों का संचालन तिलकराज शर्मा करते हैं। इनके परिवार के सदस्य कंपनियों में निदेशक हैं। कंपनी के अलग-अलग शराब के ब्रांड हैं। इसके अलावा देसी शराब का भी बड़ा काम होता है। देसी शराब का ब्रांड बेहद मशहूर है।

दिखाए जा रहे थे बोगस खर्च
आरती डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड अनाज आधारित शराब का उत्पादन और आपूर्ति करती है। आयकर विभाग की टीमों ने सर्वे के दौरान विभिन्न स्थानों से महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए हैं। इन दस्तावेज से कर चोरी के आरोपों की पुष्टि होने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि कंपनी की कमाई और खर्च बहुत अधिक है, लेकिन इन्हें दस्तावेजों में बेहद कम दिखाया जा रहा था। बोगस खर्च दिखाए जा रहे थे। इसके अलावा कमाई को इधर-उधर खपाया जा रहा है।

महल जैसा घर और कार्यालय
सूत्रों ने बताया कि कंपनी की कमाई बहुत अच्छी है। और कंपनी अपना और उत्पादों का लगातार विस्तार कर रही है। विदेश से भी शराब सप्लाई का कारोबार है। कई विदेशी लोग इनकी कंपनियों में 10-10 प्रतिशत के पार्टनर हैं। इसका खुलासा जांच में हुआ है। विदेशी पार्टनर यूरोप में रहते हैं। बताया गया कि कंपनी के एमडी और निदेशक जहां पर रहते हैं। वो महल नुमा बने हैं। कार्यालयों के रखरखाव में बड़े पैमाने पर खर्च किया गया है। लेकिन इसका हिसाब नहीं मिल रहा है। बोगस खर्च दिखाने के प्रमाण मिले हैं।
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2015 में पड़ा था छापा, जीएसटी विभाग भी कर चुका कार्रवाई
कानपुर। बताया कि 11 साल पहले 2015 में कंपनी के प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग ने बड़े पैमाने पर छापा मारा था। इसमें बड़े पैमाने पर कर चोरी मिली थी। इसके अलावा चार साल पहले जीएसटी विभाग ने कार्रवाई की थी। इस दौरान भी करोड़ों की कर चोरी पकड़ी गई थी।
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