बसपा ने कानपुर गोविंदनगर विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व महासचिव देवी तिवारी को अपना प्रत्याशी बनाकर कांग्रेस और भाजपा दोनों को झटका देने की कोशिश की है। देवी तिवारी की बसपा में इतनी घुसपैठ के पीछे मात्र एक वजह बताई जा रही है कि वह बसपा में दूसरे नंबर के नेता सतीश मिश्र के समधी हैं। वह लोकसभा चुनाव के समय से ही बसपा से टिकट की मांग कर रहे थे, इस बार जाकर सफल हो गए। फिलहाल उन्होंने कांग्रेेेस पार्टी से इस्तीफा भी नहीं दिया है।
देवी तिवारी इससे पहले 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेेस टिकट से कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। उस समय कांग्रेस चौथे स्थान पर रही। देवी तिवारी को कुल 20 हजार वोट मिला था। बसपा की तरफ से ब्राह्मूण प्रत्याशी उतारकर बसपा ने भाजपा के उन ब्राह्मण दावेदारों को चौंका दिया है, जो इस सीट पर प्रत्याशी बनने की जोर आजमाइश में लगे हैं।