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अंबेडकर प्रतिमा तोड़े जाने पर बसपाइयों ने सपा पर लगाया आरोप, किया हंगामा

Mon, 25 Sep 2017 10:55 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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जालौन में कालपी थाना क्षेत्र के काशीखेड़ा गांव में अंबेडकर प्रतिमा से जुड़े मामले की जानकारी पाते ही पहुंचे बसपा जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शिरोमणि, पूर्व विधायक छोटे सिंह चौहान बोले, यदि पुलिस ने ग्रामीणों की मांग पर डीएम को बुला लिया होता तो बवाल न होता। पुलिस ने महिलाओं को बेरहमी से पीटा है। इसलिए पुलिस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
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   दूसरी ओर बसपा नेताओं का आरोप है कि आरोपी कल्लू यादव ने सपा के इशारे पर ही अंबेडकर प्रतिमा का अपमान किया है। बसपाइयों ने बवाल के लिए पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, कुछेक बसपा नेताओं ने आरोपी कल्लू यादव पर भी सपा से जुड़़े होने का आरोप लगाकर हंगामा किया। पुलिस जब सख्त हुई तब जाकर शांत हुए।   सीओ को बचाने में घायल हुए दरोगा और सिपाही  संघर्ष के दौरान एक वक्त जब ग्रामीणों ने सीओ सुबोध गौतम को घेर लिया और उन पर लाठियां बरसाने जा रहे थे, तभी दरोगा जगत नारायण और सीओ हमराही कौशल चौधरी बीच में आ गए तो ग्रामीण दोनों पर टूट पड़े। लाठी से दरोगा का सिर फट गया और कौशल को भी काफीचोटें आई। पैर में राड लगने से सीओ भी घायल हो गए।
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काशीखेड़ा गांव में तैनात पुलिसबल - फोटो : अमर उजाला
महिलाओं को आगे कर किया बवाल संघर्ष के दौरान ग्रामीणों ने महिलाओं को आगे कर दिया। जिससे महिलाएं अंबेडकर प्रतिमा के निकट एकत्र होकर पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगी। प्रतिमा से माला हटाते वक्त पुलिस की महिलाओं से ही धक्कामुक्की हुई थी। इसके बाद पीछे से ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया, जिससे बवाल और बढ़ गया। पुलिस को भी लाठीचार्ज के लिए बाध्य होना पड़ा।
 शनिवार रात से ही सुलग रही थी जिंगारी बवाल की शुरूआत शनिवार रात से ही हो गई थी। ये बात और है कि पुलिस और एलआईयू इसे भांप नहीं पाई। हल्के में लेने के चलते ही रविवार को बवाल सामने आया। गांव से जुड़े लोगों की माने तो गांव स्थित देवी मंदिर में कोटेदार कल्लू यादव के नाम की पट़्टी लगी थी, जिसे कुछ शरारती लोगों ने हटा दिया था। रात में भी पट्टी को लेकर आरोपों को दौर चला था। रविवार की सुबह जब अंबेडकर प्रतिमा पर माला देखी तो कोटेेदार पर आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद मामला बढ़ता चला गया।
 
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