बांदा में देहात कोतवाली क्षेत्र के जमालपुर गांव में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा ने शुक्रवार की शाम संदिग्ध हालात में घर पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस का कहना है कि छात्रा के परिजन उसकी शादी करना चाहते थे, जबकि वह अभी आगे और पढ़ाई करना चाहती थी।
इसी दबाव से क्षुब्ध होकर उसने आत्महत्या कर ली, जबकि परिजन जान देने की स्पष्ट वजह नहीं बता सके। जमालपुर निवासी नारायण प्रसाद वाजपेयी की पुत्री पूनम उर्फ क्षमा (19) गांव से आठ किमी दूर एकलव्य महाविद्यालय दुरेड़ी में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई करती थी।
पूनम का छोटा भाई हाईस्कूल की पढ़ाई बड़ी बहन के फतेहपुर स्थित ससुराल में रहकर कर रहा है। पेशे से पंडिताई के साथ खेतीबाड़ी करने वाले नारायण पत्नी संग शुक्रवार की दोपहर बाद खेत गए थे, जबकि पूनम घर पर थी। देर शाम छह बजे जब दोनों घर लौटे तो पूनम को फांसी के फंदे पर लटका देखा।
पूनम के ताऊ शिवप्रसाद का कहना है कि पूनम पढ़ने में काफी होशियार थी और डाक्टर बनना चाहती थी। उधर, देहात कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि घर से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। प्रथम दृष्टया पड़ताल में पता चला कि घरवाले उसकी शादी करना चाह रहे थे, लेकिन वह तैयार नहीं थी।