फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'आखिर अपराधी कौन!', 'गोली न शरीर में और न ही कमरे में', साहिबा की हत्या की गुत्थी में उलझी पुलिस

Mon, 24 Sep 2018 09:26 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
पूछताछ करती पुलिस, घर के बाहर लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
यूपी के फतेहपुर जिले में कमरे में ग्राम प्रधान मां के पास सो रही विवाहित बेटी की शनिवार देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। पिता ने रंजिशन हत्या का आरोप लगाते हुए गांव के पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसपी ने भी मौके पर छानबीन की। पोस्टमार्टम में गोली बायीं कनपटी से निकलने की पुष्टि हुई है। कमरे से कोई असलहा या गोली बरामद नहीं हुई है।
विज्ञापन


खखरेरू थाना क्षेत्र के बरहटा गांव निवासी शमीम अहमद की पत्नी शमीम बानो प्रधान हैं। शमीम अहमद ने बताया कि वह पत्नी के साथ कौशांबी में कार्यक्रम में शामिल होने के बाद देर रात घर लौटे थे। पत्नी विवाहित बेटी शेबा उर्फ साहिबा (20) के साथ पीछे वाले कमरे में सो गई। उसी कमरे में दूसरी बेटी शीलू और बेटा साहिल जमीन पर सो रहे थे। शनिवार देर रात साढे़ तीन बजे गोली चलने की आवाज से नींद खुली। वह बेटे फैज के साथ बाहर कमरे से भागकर पहुंचे। इस दौरान पांच लोगों को कमरे की ओर से छत के रास्ते भागते देखा। साहिबा खून से लथपथ पड़ी थी। उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश करने लगे, पर कुछ ही पलों में मौत हो गई। 

प्रधानपति की तहरीर पर पुलिस ने गांव के मोहम्मद अहमद, आलम पुत्र सोहराब, नफीस और उनके बेटों शोएब खान, नसीब अहमद के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। प्रधानपति का आरोप है कि पुरानी रंजिश में हमलावर घर में घुसे और बेटी की गोली मारकर हत्या करने के बाद फरार हो गए। रविवार को दोपहर एसपी राहुल राज गांव पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की। उनका कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू करा दी गई है। बताया कि घटना की तह तक पहुंचने को पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। 
विज्ञापन

दीवार में गोली के गहरे निशान होने चाहिए

घर के बाहर लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
साहिबा की हत्या तो हुई है। यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से तय हो गया। पर, हत्या नामजद लोगों ने की या किसी करीबी ने, हालात ने इस कदर उलझा दिया है कि पुलिस एक बिंदु तय नहीं कर पा रही। जिस कमरे में हत्या हुई उसमें ग्राम प्रधान मां समेत पांच लोग थे। किसी पर न तो खून के छींटे पड़े और न ही हमलावरों से विरोध के घाव। जिस बेड पर शव मिला, वहां पुलिस को पर्याप्त खून नहीं मिला है। परिजनों ने जहां गोली के छेद दिखाए पुलिस ने आसपास घंटों ढूंढा लेकिन गोली नहीं मिली। 

प्रधान पति शमीम अहमद ने पुलिस को बताया कि कमरे में शेबा और उसके बगल में उसकी पत्नी शमीम बानो, सात साल का रिश्तेदार का बेटा जैद बेड में थे। एक बेटी शीलू व बेटा साहिल उसी कमरे में नीचे लेटे थे। सीओ अंशुमान मिश्र ने बताया कि चोट का निशान दाहिनी ओर कान के ऊपर दिखा है। दीवार में गोली के गहरे निशान होने चाहिए। बुलेट का हिस्सा मिलना चाहिए। गद्दे पर खून भी उतना नहीं मिला, जितना हत्या में मिलता है। हालांकि परिजनों ने कहा कि हो सकता है गद्दे में खून सूख गया हो। पर, गोली के घाव से काफी तेज रक्त रिसाव होता है।


 
विज्ञापन

गोली अगर सिर को चीरते हुए निकलती तो बीच में लेटे बच्चे व महिला प्रधान को भी नुकसान पहुंचा सकती थी

पूछताछ करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
दीवार पर एक छेद मिला है लेकिन वह गोली का था, यह साबित नहीं हो सका। दीवार पर खून की छींटे तक नहीं पड़ीं। जिस तरफ  से गोली की दिशा बताई गई।  उसी तरफ  उसकी मां और एक बच्चा लेटा था और वह पूरी तरह से सुरक्षित हैं। गोली अगर सिर को चीरते हुए निकलती तो बीच में लेटे बच्चे व महिला प्रधान को भी नुकसान पहुंचा सकती थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली बाएं कनपटी से निकल जाना आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक गोली कमरे में ही होनी चाहिए। एक्सरे में भी गोली फंसना स्पष्ट नहीं हुआ। यह पुलिस के लिए जांच का विषय बन गया है। जिससे घटनास्थल को लेकर संदिग्ध परिस्थितियां सामने आ रही हैं। 


जनवरी माह में भी हुई थी फायरिंग 
बरहटा गांव निवासी शमीम अहमद के परिवार में जनवरी महीने में एक वैवाहिक कार्यक्रम का आयोजन था। प्रधान का बेटा मोहम्मद फैज अपने साथी आमिर के साथ घर के बाहर बैठा था। आमिर ने पुलिस को बताया था कि किसी ने उस पर गोली चलाई और भाग निकला। हाथ पर छर्रे लगने की बात कही थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था लेकिन वह भी पुलिस की विवेचना में साबित नहीं हो सका था। उसका कोई परिणाम नहीं निकला लिहाजा पुलिस ने एफआर लगा फाइल बंद कर दी थी। 

दस माह पहले हुआ था निकाह
शेबा उर्फ साहिबा का निकाह दस माह पहले थाना क्षेत्र के जहांगीर नगर गहुरा निवासी तौसीफ  से हुआ था। शादी के एक माह बाद काम के सिलसिले में तौसीफ सऊदी अरब चला गया था। तभी से शेबा अपने मायके में रह रही थी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें