इटावा। फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र के महेराचुंगी के पास रात लगभग दस बजे रिटायर्ड सीएमओ विश्वनाथ के घर से एक के बाद एक गोलियों की तड़तड़ाहट से मोहल्ला गूंज उठा। गोलियों की आवाज सुनकर मोहल्ले के लोग एकत्रित हो गए। देर रात घटनास्थल पर लोगों की भीड़ लगी रही। हर कोई यही कहता हुआ नजर आया कि इतना सबकुछ होने के बाद भी घर में सुकून नहीं था।
बहनोई राहुल ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि ससुर विश्वनाथ के बेटे हर्षवर्धन व मेरी पत्नी ज्योति समेत दो बेटियां थीं। उन्होंने अपनी सेवा के लिए ज्योति को शुरुआत से ही यहीं घर पर रख रखा था। राहुल लखनऊ हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। उन्होंने बताया कि सप्ताह 10 दिन में परिवार से मिलने के लिए आते रहते हैं। गुरुवार को ही लखनऊ से आए थे। साला हर्षवर्धन प्रॉपर्टी को लेकर पत्नी और राहुल से खुन्नस खाए हुए था।
अक्सर इसे लेकर वह विवाद करता रहता था। इसकी कई बार शिकायतें थाने में भी की गई हैं, लेकिन पारिवारिक मामला होने की वजह से आपसी समझौता हो जाता था। ससुर ने नाराजगी जताते हुए साले को घर में एक कमरा रहने को दे दिया था, जबकि पत्नी और बेटी तासू (03) पूरे घर में सामान्य रूप से रहते थे। यही साले को अखरता था। रविवार रात को भी हर्षवर्धन ने आकर उल्टा सीधा कहा था। रोकने पर उसने अपने दोनों बेटों के साथ मिलकर हमला बोल दिया। कई राउंड फायर किए। इसमें बेटी और पत्नी की मौत हो गई। राहुल ने बताया कि उसकी भी अंगुली में गोली लगी है।