फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: करंट की चपेट में आकर मासूम भाई-बहन की मौत, कूलर की टंकी से पिचकारी भरते समय हुआ हादसा, परिजनों में कोहराम

Tue, 18 Mar 2025 05:54 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद

सार

Farrukhabad News: कूलर के टैंक से पिचकारी में पानी भरते समय भाई-बहन करंट की चपेट में आ गए,  जिससे दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। जांच की जा रही है।
विज्ञापन
भाई-बहन की फाइल फोटो और रोते-बिलखते परिजन - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फर्रुखाबाद जिले में घर पर रखे कूलर के खुले हिस्से से पिचकारी भरते वक्त दो मासूमों को करंट लग गया। इससे दोनों कूलर के टैंक में गिर गए और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। कुछ देर बाद पहुंचे परिजनों ने देखा, तो चीख-पुकार मच गई।

विज्ञापन

मऊदरवाजा थाने के मोहल्ला सर्वोदयनगर बजरिया निवासी नमो चतुर्वेदी की पुत्री गुनगुन (7) व पुत्र युवराज (4) सोमवार शाम पिचकारी से खेल रहे थे। दोनों बच्चे घर में रखे कूलर के पास पहुंचे। उन्होंने उसके पीछे का हिस्सा खुला देखा, तो टैंक से पिचकारी में पानी भरने लगे।

कूलर की टंकी में मृत पड़े थे दोनों
बताते हैं कि कूलर में करंट आने की वजह से वह कूलर के टैंक में ही गिर गए। कुछ देर तक जब बच्चे परिजनों को नहीं दिखे, तो उन्होंने आवाज दी, लेकिन कोई जवाब न मिलने पर वह देखने गए। जहां दोनों ही बच्चों को कूलर की टंकी में मृत देख चीख-पुकार मच गई।

यह भी पढ़ें: प्रोफेसर की हवस का शिकार बनी छात्राएं: नंबर बढ़ाने, सरकारी नौकरी का झांसा... छात्राओं के 59 अश्लील वीडियो मिले

देर रात तक घर पर ही रखे थे शव
आनन-फानन बच्चों को बाहर निकाला गया, तब तक बच्चों की मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस ने भी घर पहुंचकर जानकारी हासिल की। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। देर रात तक शव घर पर ही रखे थे। थानाध्यक्ष बलराज भाटी ने बताया कि परिजनों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है। घटना की जांच कराई जा रही है।

उपकरणों के इस्तेमाल न होने पर स्विच हटा कर रखें
सीएमएस एवं सर्जन डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि त्योहार में रंग खेलते वक्त खतरे वाली जगहों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। करंट लगने पर अगर समय रहते पता चलता है, तो करंट की सप्लाई बंद करके मुंह से सांस देने की प्रक्रिया यानि सीपीआर अपनानी चाहिए।
विज्ञापन

चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए
हार्ट की जगह पर दोनों गदेली से दबाना और फिर मुंह से सांस देना चाहिए। ऐसी घटना में तुंरत चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए। घरों में इलेक्ट्रानिक उपकरणों का इस्तेमाल न होने पर स्विच बंद कर दें। साथ ही, बच्चों को भी इसके बारे जागरूक करना चाहिए।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें