देर रात तक घर पर ही रखे थे शव
आनन-फानन बच्चों को बाहर निकाला गया, तब तक बच्चों की मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस ने भी घर पहुंचकर जानकारी हासिल की। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। देर रात तक शव घर पर ही रखे थे। थानाध्यक्ष बलराज भाटी ने बताया कि परिजनों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है। घटना की जांच कराई जा रही है।
उपकरणों के इस्तेमाल न होने पर स्विच हटा कर रखें
सीएमएस एवं सर्जन डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि त्योहार में रंग खेलते वक्त खतरे वाली जगहों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। करंट लगने पर अगर समय रहते पता चलता है, तो करंट की सप्लाई बंद करके मुंह से सांस देने की प्रक्रिया यानि सीपीआर अपनानी चाहिए।
चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए
हार्ट की जगह पर दोनों गदेली से दबाना और फिर मुंह से सांस देना चाहिए। ऐसी घटना में तुंरत चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए। घरों में इलेक्ट्रानिक उपकरणों का इस्तेमाल न होने पर स्विच बंद कर दें। साथ ही, बच्चों को भी इसके बारे जागरूक करना चाहिए।