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Kanpur News: आरटीओ फिटनेस केंद्र पर दलालों का कब्ज़ा, सत्ताधारियों की दिखाते हनक

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कानपुर। पनकी स्थित आरटीओ के फिटनेस स्थल का हाल किसी खुले बाजार से कम नहीं। आरटीओ कार्यालय में जोनल से लेकर मंडल स्तर से अधिकारी बैठते इसके बाद भी फिटनेस स्थल पर नियम और पारदर्शिता की बजाय दलालों का साम्राज्य चलता है। यह दलाल खुलेआम सत्ताधारियों के नाम की हनक दिखाकर अवैध वसूली कर रहे हैं। विभाग के अधिकारी भी दबी जुबान इस बात को मानते हैं और कुछ कर पाने में मजबूरी जता देते हैं।
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वाहनों की फिटनेस जांच का मकसद केवल फिट गाडि़यों को ही सड़क पर चलने देना है। हालांकि पनकी स्थित मौरंग मंडी के पास फिटनेस के नाम खुलेआम दलाल वाहन मालिकों से उगाही कर रहे हैं। अधिकारी मुट्ठी गर्म होने के कारण कुर्सी पर बैठे-बैठे फिटनेस जांच कर लेते हैं। यहां करीब 10 से अधिक दलाल उपस्थित रहते हैं। फिटनेस के पंजीकरण फार्म से लेकर अन्य आवेदन पत्रों को भरकर दलाल पहले तैयार रखते हैं। एक एजेंट मोबाइल से सभी वाहनों की फोटो खींचता है जो वहां का मुख्य कर्ताधर्ता है। सब काम दलाल अपने कारीगरों से पूरी बेधड़क तरीके से कराते हैं। उन्हें किसी भी अधिकारी का भय नहीं होता। फिटनेस प्रमाण पत्र जारी होने से पहले वहीं पर वाहन स्वामियों से पूरे पैसे भी वसूले जाते हैं। हर काम का वहां तीन से चार गुना दाम वसूला जाता है। एजेंट यह सब इतनी सहजता से करते हैं जैसे वे आरटीओ कार्यालय के कर्मचारी हों। अमर उजाला की पड़ताल में इसका खुलासा हुआ था। इसकी अगली कड़ी में यह पता लगाने की कोशिश की गई कि आखिर इन दलालों को संरक्षण कौन दे रहा है। जिसकी वजह से जिले में बैठे अधिकारी भी आंखें बंद किए हैं।

अमर उजाला की टीम ने चाय की दुकान पर बैठे एक दलाल से बातचीत की तो उसने सत्ताधारियों को अपना आका बताया। उनकी हनक से पूरा फिटनेस केंद्र संचालित कराने की बात भी कही। उसने कहा, कई अधिकारी आए और चले गए लेकिन यहां की व्यवस्था को कोई नहीं बदल पाया जिसने प्रयास किया तो वह खुद बदल गया। इस बात की हकीकत जानने के लिए जब विभाग के कर्मचारियों से बात की गई तो उन्होंने दबी जुबान से इस बात को सही बताया।
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वर्जन-
दलालों का सारा खेल दो दिन बाद बंद हो जाएगा। अगले सप्ताह से चौबेपुर में नया फिटनेस केंद्र संचालित हो रहा हैं। अब वहीं पर मशीनों से जांच होगी। सीसीटीवी, ऑनलाइन ट्रैकिंग व्यवस्था होते ही दलालों का खेल खत्म हो जाएगा।
राकेंद्र कुमार सिंह, आरटीओ प्रशासन

गाड़ियों की फिटनेस जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाती है। जो वाहन चालक मेरे पास आते हैं, उनकी समस्या का तुरंत निस्तारण होता है। एजेंटों का खेल पूरी तरह से बंद हो जाएगा।
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संतोष कुमार, आरआई
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