बॉयलर चलाने के लिए लकड़ी और कोयला जलाया जा रहा था। इसी दौरान प्रेशर ज्यादा होने से तेज धमाके के साथ बॉयलर फट गया था। इसकी चपेट में आकर सभी लोग झुलस गए थे। गंभीर रूप से घायल इस्माइल ने मौके पर दम तोड़ दिया था। अन्य लोगों को दिल्ली के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
बुधवार की रात एक बजे करीब 80 फीसदी झुलसे श्रमिक सुनील राजपूत ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, गंभीर रूप से झुलसे अब्दुल रहमान, वसीम अहमद, रफीक और बुरहान का दिल्ली में इलाज चल रहा है। श्रमिक सुनील की मौत से पत्नी कलावती, मां शकुंतला देवी और भाई सुशील का हाल बेहाल है।
पूर्व चेयरमैन के बेटे को हो चुकी है जेल
बता दें कि जान जोखिम में डालकर कारखाना संचालित करने के आरोप में पुलिस ने पूर्व चेयरमैन हाजी रईस अहमद और बेटे नसीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। बेटे नसीम को पुलिस जेल भेज चुकी है। हाजी रईस अहमद अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
बगैर एनओसी वाले इत्र कारखाना संचालकों पर होगी कार्रवाई
मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुकीमुलहक ने बताया कि शहर के संचालित अधिकांश इत्र कारखाना संचालकों के पास अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं है। कारखानों में अग्निशमन यंत्र भी नहीं लगे हैं। ऐसे संचालकों को चिन्हित करके उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।