यूपी बोर्ड की हाईस्कूल-इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाएं गुरुवार से दो पालियों में शुरू हो रही हैं। नकल पकड़ने के लिए छह उड़नदस्ते बनाए गए हैं। पहली बार उड़नदस्ता टीम में महिलाओं को भी शामिल किया गया है। हर टीम में दो महिलाएं रहेंगी।
हाईस्कूल की परीक्षाएं 18 फरवरी से 9 मार्च तक, जबकि इंटरमीडिएट की 18 फरवरी से 21 मार्च तक चलेंगी। पेपर परीक्षा से 10 मिनट पहले बांटा जाएगा। नकल मिलने पर जहां केंद्र को डिबार किया जाएगा, वहीं परीक्षार्थी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी।
परीक्षा केंद्र के प्रत्येक कमरे में दो कक्ष निरीक्षक ड्यूटी पर रहेंगे। केंद्र व्यवस्थापक के अलावा मोबाइल फोन पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। इस बार परीक्षार्थियों की उपस्थिति-अनुपस्थिति का ब्योरा केंद्र व्यवस्थापकों द्वारा पहली बार क्यूआरसी कोड (मोबाइल एप) पर बोर्ड व नोडल सेंटर को देना होगा।
12 संवेदनशील परीक्षा केंद्रों में शिक्षा विभाग और जिलाप्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। परीक्षा के दौरान डीआईओएस कार्यालय चुन्नीगंज नोडल सेंटर रहेगा। उत्तरपुस्तिकाएं जीआईसी चुन्नीगंज में जमा होंगी।
एक परीक्षा केंद्र बढ़ा
बोर्ड परीक्षा में एक परीक्षा केंद्र और बढ़ा दिया गया है। 239 केंद्र हो गए हैं। डीआईओएस मोहम्मद इब्राहिम ने बताया कि शासन स्तर से शंभुआ के वित्तविहीन काॅलेज राजनारायण इंटर कालेज को केंद्र बनाया गया है।
2013-14 के 30 परीक्षार्थी
यूपी बोर्ड वर्ष 2013-14 में 10वीं की बोर्ड परीक्षा में फेल हुए सरस्वती इंटर काॅलेज, चकरपुर के 30 परीक्षार्थी इस साल जीआईसी चुन्नीगंज में फिर से परीक्षा देंगे।
केंद्र व्यवस्थापक बदले
चाचा नेहरु इंटर काॅलेज गोविंद नगर के केंद्र व्यवस्थापक बदल दिए गए हैं। परीक्षाएं अब प्रिंसिपल बृज किशोर त्रिपाठी ही कराएंगे। हाईस्कूल की परीक्षा एक पाली में सुबह 7:30 से 10:45 तक चलेगी। 15 मिनट पेपर पढ़ने के मिलेंगे। पहला पेपर हिंदी का है। इंटरमीडिएट की परीक्षाएं दो पालियों में होंगी। सुबह 7:30 बजे से 10:45 तक और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी। पहली पाली में पहला पेपर मिलिट्री साइंस और दूसरी पाली में हिंदी का है।
इन निर्देशों का पालन है जरूरी
परीक्षा में निर्धारित समय से 10 मिनट पहले केंद्र में पहुंचे। किसी तरह के नोट्स, कापी, किताब या चिट साथ न ले जाएं। सीट नंबर जांच लें, दूसरे रोल नंबर की सीट पर न बैठें। सीट की दराज चेक कर लें, कोई चिट या कापी किताब न हो। उत्तर पुस्तिका में रोल नंबर साफ लिखें, किसी तरह का चिह्न न बनाएं। परीक्षा कक्ष में उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर करना न भूलें। रफ वर्क सिर्फ एक पन्ने पर करें, काम पूरा होने पर काट दें।
उड़नदस्ते में महिलाएं भी
अभी तक उड़नदस्तों में सिर्फ पुरुष ही होते थे। गर्ल्स कॉलेज में चेकिंग के दौरान उन्हें वहां की टीचरों की मदद लेनी पड़ती थी। कई बार लड़कियां आपत्ति भी कर देती थीं। अब उड़नदस्तों में महिलाओं के होने से चेकिंग में आसानी होगी।
देखो मिस न हो जाए
प्रवेश पत्र, 9वीं और 11वीं का रजिस्ट्रेशन कार्ड, पेन, पेंसिल, स्केल, रबड़ ले जाएं।
मोबाइल, पेजर, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रानिक डायरी, स्केल डिब्बा (जिस पर कुछ लिखा हो) ले जाना बैन है। पकड़े जाने पर परीक्षार्थी को आगे की परीक्षा से वंचित कर दिया जाएगा।