मुख्यमंत्री की पसंद में शुमार बिठूर के ब्लू वर्ल्ड थीम पार्क की जमीन का विवाद ऐन उद्घाटन मौके पर उछलना, शासन को भेजी पहली रिपोर्ट में विवादित जमीन बताकर सीएम का कार्यक्रम रद्द कराने का प्रयास किया जाना और पार्क के उद्घाटन अवसर पर छुट्टी पर रहना, ये कुछ बातें जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब के ट्रांसफर से जोड़कर देखे जाने से पर्दे के पीछे के कुछ सच सामने आ रहे हैं।
सवाल उठ रहा है कि कहीं ब्लू वर्ल्ड पार्क ही तो जिलाधिकारी डॉ. जैकब को नहीं ले डूबा। अंदरखाने चल रही चर्चाओं पर भरोसा किया जाए तो इन बिंदुओं में दम है। बिठूर स्थित ब्लू वर्ल्ड वाटर पार्क का उद्घाटन 11 सितंबर को करने के लिए मुख्यमंत्री ने अपनी मंजूरी दे दी थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने एसडीएम सदर की आख्या के आधार पर रिपोर्ट भेजी कि बंजर भूमि पार्क के अंदर है।
इसके संबंध में अपर आयुक्त कोर्ट कानपुर मंडल में वाद विचाराधीन है। यानी शासन को मामला विवादित बता दिया गया। इसके बाद भी सीएम का कार्यक्रम रद्द न होने पर माना गया कि शासन को शिकायतें पसंद नहीं आईं हैं तो आनन-फानन एसडीएम बिल्हौर से दूसरी रिपोर्ट बनवाकर कहा गया कि विवादित जमीन पार्क के अंदर नहीं है।
यह रिपोर्ट मिलने के बाद मुख्यमंत्री शहर आए और ब्लू वर्ल्ड पार्क का उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंच से यह भी कहा कि अफसर राजनीति न करें। पब्लिक के काम करें। इस कार्यक्रम से पहले ही डीएम छुट्टी पर चली गई थीं। तभी से माना जा रहा था कि दो तरह की रिपोर्ट भेजने के मामले में किसी न किसी अफसर पर गाज जरूर गिरेगी।
इससे पहले भी तीन पीसीएस अफसरों से सीधी लड़ाई लेने से जिलाधिकारी चर्चाओं में थीं और मामलों की शिकायतें शासन तक पहुंची थीं लेकिन मुख्यमंत्री शिकायतों की अनसुनी करते रहे। जब मुख्यमंत्री के ही कार्यक्रम पर सवाल खड़े किए गए तो सपाइयों को मौका मिला।
इस संबंध में एडीएम फाइनेंस पर कार्रवाई होने का हल्ला मचा लेकिन सपाइयों ने सीएम से बताया कि असली खिलाड़ी तो कोई और ही है। इस तरह इस बार मुख्यमंत्री का भरोसा जिलाधिकारी से उठा तो उन्हें चलता कर दिया गया। सपाई मुख्यमंत्री को यह समझाने में कामयाब रहे कि जैकब के कार्यकाल में क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत चुनाव कराना ठीक नहीं होगा।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत होगा शहर का विकास
कानपुर। नगर के नए जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा देर रात इलाहाबाद से कानपुर पहुंचे। जिले का चार्ज संभाल लिया। इसके बाद कोषागार में दोनों एडीएम, सीडीओ और एसीएम के साथ बैठक करके शहर के बारे में जानकारी ली। डीएम ने बताया कि कानपुर महानगर अब स्मार्ट सिटी की योजना में शामिल हो गया है, ऐसे में यहां का विकास उसी योजना के तहत किया जाएगा।
अमर उजाला से बातचीत में उन्होेंने बताया कि कानपुर प्रदेश का सबसे बड़ा शहर है, ऐसे में वहां की ट्रैफिक समस्या, सफाई व्यवस्था, कानून व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए सभी विभागों से समन्वय बनाकर चला जाएगा। कानपुर की पहचान औद्योगिक नगरी के रूप में है। मेरी प्राथमिकता होगी कि इस पहचान को बनाए रखना।
2006 बैच के आईएएस अधिकारी, शिक्षा- टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में दिल्ली आईआईटी से एमटेक, डीएम के रूप में पहली पोस्टिंग पीलीभीत, कानपुर से पहले इलाहाबाद में डीएम थे।