रविवार की शाम से देर रात तक लगातार हुई बारिश के बाद शहर ‘नरकपुर’ बन गया। शहर के अधिकतर मोहल्लों और सड़कों पर कीचड़ और पानी भरा हुआ है। तीन जगह सड़कें धंसने, पेड़ गिरने से सोमवार को लोग जाम से भी जूझते रहे। हजारों लोगों को मौके पर पहुंचकर रास्ता बदलना पड़ा।
कई गणेश पंडालों में भी पानी भर गया। मछुआ नगर, कल्याणपुर, शिवकटरा, विष्णपुरी में पानी भर गया। नगर निगम की टीमें न पहुंचने से लाखों लोगों को दिक्कतें हुईं। मूसलाधार बारिश से जूही खलवा पुल पर यातायात तो ठप था ही, वीआईपी रोड भी बंद हो गया। जलभराव से परेड चौराहे के पास, माल रोड पर खेरेपति मंदिर के पास, वनखंडेश्वर मंदिर के पास सड़कें धंस गईं। नमक फैक्ट्री रोड पर गड्ढे हो गए।
परमट में मकान नंबर 13/284 के पास पेड़ गिर गिरने से दो लोग बाल-बाल बचे। वहां रहने वाले हरीश ने नगर निगम कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। नगर निगम मुख्यालय के पास मोतीझील चौराहा, वीआईपी रोड, लक्ष्मीपुरवा, शक्कर मिल खलवा, नेहरू नगर, कुलीबाजार, साइकिल मार्केट, कबाड़ी मार्केट, गड़रियनपुरवा, अशोक नगर (कल्याणपुर), शास्त्री नगर, विजय नगर, मछुआ नगर, गंगागंज समेत तमाम मोहल्लों में सड़कों पर पानी भर गया। कई जगह पानी घरों में घुसा।
डबल पुलिया से केशव नगर रोड पर भीषण कीचड़ से आवागमन बाधित रहा। परदेवनपुरवा निवासी नरेंद्र कुमार, जनता नगर के जय शर्मा, कल्याणपुर स्टेशन के पास रहने वाले सुरेंद्र कटियार ने अपने मोहल्ले में जलभराव की सूचना नगर निगम को दी। सुबह लोग घरों से दफ्तरों, दुकानों आदि के लिए निकले, पर रास्ते में जगह-जगह जलभराव से जाम से जूझते रहे।
इसके बावजूद नगर निगम के गैंग मौके पर नहीं पहुंचे। नगर निगम के मुख्य अभियंता तरुण शर्मा का दावा है कि जहां जलभराव की सूचना मिली, गैंग मौके पर भेेजकर पानी निकलवाया गया। जोनल अधिशासी अभियंता, एई और जेई क्षेत्र में सक्रिय रहे।