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ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. लुबना खान बनीं 'नवजात के लिए मसीहा'

Mon, 05 Mar 2018 12:58 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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नवजात के लिए रक्तदान करतीं डॉ. लुबना खान
यूपी के कानपुर में बने सरकारी अस्पताल बाल रोग चिकित्सालय (हैलट) के एसएनसीयू में भर्ती नवजात की जान बचाने के लिए मेडिकल कालेज ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. लूबना खान ने खुद रक्तदान किया। उन्होंने गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों से रक्तदान करने का आह्वान किया।
फतेहपुर जिले के ग्राम खुरमा नगर निवासी ललित कुमार की पत्नी प्रियंका की 17 जनवरी को रीजेंसी में डिलीवरी हुई। सात महीने में ही नवजात का जन्म होने पर डॉक्टरों ने उसे एसएनसीयू में भर्ती किया। ललित ने बताया कि डिलीवरी कराने में 53 हजार रुपये और नवजात के एक दिन रखने में 25 हजार रुपये खर्च हो गए। एक निजी फैक्ट्री में नौकरी की वजह से दूसरे दिन ही उसने नवजात को दूसरे नर्सिंगहोम के एसएनसीयू में रखा।
 
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हैलट अस्पताल कानपुर
13 दिन बाद नवजात की छुट्टी हो गई, पर घर ले जाने के पांच दिन बाद पुन: उसकी तबीयत खराब हुई तो फतेहपुर में ही पांच दिन नर्सिंगहोम में भर्ती कराना पड़ा। वह जैसे - तैसे रिश्तेदारों, दोस्तों से उधार लेकर इलाज कराता रहा। ढाई लाख खर्च होने के बाद 28 फरवरी को पुन: बेटे की तबीयत खराब हुई तो बाल रोग चिकित्सालय में आए। यहां एसएनसीयू में भर्ती है। वह बेटे को एक यूनिट ब्लड दे चुका है। बेटे का ब्लड ग्रुप बी-निगेटिव है। 3 मार्च को रात में डॉक्टरों ने बच्चे के लिए ब्लड का बंदोबस्त करने को कहा।
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बालरोग चिकित्सालय हैलट कानपुर
वह मेडिकल कालेज ब्लड बैंक गया, पर वहां इस ग्रुप का ब्लड नहीं मिला। उर्सला में भी ब्लड न मिला। बच्चे की हालत बिगड़ने लगी तो स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगवाने वाली संस्था श्री श्याम जी सखा मंडल के कार्यकारिणी सदस्य आलोक कौशिक से गुहार लगाई। 
 
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मेडिकल कालेज ब्लड बैंक में बी-निगेटिव ब्लड उपलब्ध नहीं
आलोक ने बताया कि उन्होंने मेडिकल कालेज ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ. लूबना खान को समस्या बताई।  ब्लड बैंक प्रभारी ने बताया कि ब्लड बैंक में इस ग्रुप का ब्लड नहीं था। इस ग्रुप के किसी स्वैच्छिक रक्तदाता को बुलातीं तो कई घंटे लग सकते थे। इसलिए वह किसी को बुलाने या इंतजार करने के बजाय खुद रक्तदान करने के लिए ब्लड बैंक पहुंची। उनका भी यही ब्लड ग्रुप है। उन्होंने रक्तदान किया। जांच के बाद शाम को नवजात को यह रक्त उपलब्ध कराया गया। श्री श्याम जी सखा मंडल संस्था के अध्यक्ष धीरज कनोडिया, आलोक कौशिक, श्रवण गुप्ता, अमित कौशल, अजित वर्मा आदि ने डॉ. लूबना खान को इस उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित भी किया। 
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