कानपुर। जिलाधिकारी ने दो करोड़ रुपये के सरकारी धन के दुरुपयोग में विकास खंड घाटमपुर में तैनात खंड प्रेरक रित्विज तिवारी बर्खास्त कर दिया। रित्विज तिवारी ने अपनी फर्म पर दो करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कराया। जांच में वह दोषी पाया गया।
बीते एक माह पहले एक ग्रामीण ने आरोप लगाया था। प्रेरक ने ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों की ठेकेदारी खुद ली। यही नहीं प्रेरक का भाई सरसौल ब्लॉक में खंड प्रेरक है। भाभी ग्राम पंचायत सचिव के पद पर तैनात है। तीनों ने मिलीभगत करके स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त से संचालित योजनाओं में बड़े पैमाने पर ठेकेदारी की। भुगतान सचिवों के जरिए अपनी फर्म में ट्रांसफर कराया। जिलाधिकारी ने अब मिलीभगत करने वाले सचिवों की जांच के आदेश दिए हैं।
डीपीआरओ मनोज कुमार ने बताया कि दोषी पाए जाने पर खंड प्रेरक रित्विज तिवारी को बर्खास्त किया गया है। इस फर्म पर जिन सचिवों ने भुगतान किया है उनकी जांच करने के जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं। उसकी जांच होगी।