कानपुर में ब्लैक फंगस के रोगियों के बढ़ने के साथ ही इंजेक्शन का भी टोटा हो गया है। हैलट के पास वर्तमान में आठ से 10 वॉयल ही बचे हैं, जबकि ब्लैक फंगस के 36 मरीज इस समय हैलट में भर्ती हैं। हालांकि सभी को इंजेक्शन की जरूरत नहीं पड़ती। हल्के संक्रमण वालों को दवाएं ही दी जाती हैं।
लेकिन अचानक इंजेक्शनों की जरूरत पड़ गई तो स्थिति संभालना मुश्किल हो जाएगा। प्राचार्य डॉ. आरबी कमल का कहना है कि इंजेक्शन सोमवार को लखनऊ से मंगा लिए जाएंगे। उधर हैलट में भर्ती ब्लैक फंगस रोगी की रिपोर्ट दोबारा कोरोना पॉजिटिव होने से रविवार को होने वाली सर्जरी रुक गई। पांच रोगी दो दिन पहले कोरोना निगेटिव होने के बाद न्यूरो सांइसेज से ब्लैक फंगस वार्ड में आए थे।
इनमें एक की आंख में फंगस का संक्रमण अधिक था। इससे संक्रमण मस्तिष्क तक पहुंचने की आशंका है। इसी वजह से रविवार को नेत्र रोग और ईएनटी विभाग ने सर्जरी प्लान की थी। लेकिन रोगी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ गई।
हैलट में ब्लैक फंगस रोगी का दो-तीन दिन के बाद पॉजिटिव होने का यह दूसरा मामला है। एक सप्ताह पहले किदवईनगर के रहने वाले ब्लैक फंगस के बुजुर्ग रोगी के साथ भी ऐसा हुआ। इसके अलावा हैलट में ब्लैक फंगस के संदिग्ध रोगियों का आना लगातार जारी है। बायोप्सी जांच में रोगियों में संक्रमण की पुष्टि हो रही है।