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ब्लैक फंगस के नकली इंजेक्शन का मामला: 50 इंजेक्शन का 1.50 लाख में हुआ था सौदा, कॉल रिकॉर्डिंग से खुलासा

Mon, 31 May 2021 10:18 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

ब्लैक फंगस इंजेक्शन का कालाबाजारी के मामले में जेल भेजे गए आरोपियों की कॉल रिकॉर्डिंग से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
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ब्लैक फंगस मामले में जेल भेजे गए आरोपी ज्ञानेश और प्रकाश मिश्रा - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में ब्लैक फंगस के नकली इंजेक्शन बेचने वाले गिरोह के सदस्यों, बिचौलियों और तीमारदारों के बीच हुई बातचीत की एक दर्जन कॉल रिकॉर्डिंग पुलिस को मिली हैं। ये रिकॉर्डिंग जेल भेजे गए आरोपियों के मोबाइल की हैं। रिकॉर्डिंग से खुलासा हुआ है कि फार्च्यून अस्पताल में भर्ती एक मरीज के तीमारदार ने 50 इंजेक्शन के लिए 1.50 लाख रुपये में सौदा किया था।
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यह स्पष्ट नहीं हो सका कि ये कुल रकम थी या एडवांस। कॉल रिकॉर्डिंग से साफ हुआ है कि जो 68 नकली इंजेक्शन पुलिस ने पकड़े थे, इसमें 50 इंजेक्शन एक तीमारदार को बेचे जाने थे। रिकॉर्डिंग आरोपी पंकज अग्रवाल, एक बिचौलिये और एक तीमारदार की है।

 
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इसमें तीमारदार पंकज से कहता है कि क्या वह इंजेक्शन रोडवेज बस से पहुंचा सकता है। प्रयागराज आकर इंजेक्शन लेने में बहुत समय लगेगा। पंकज कहता है कि प्रयास करेगा। इसके बाद रोडवेज बस कंडक्टर का नंबर भी पंकज साझा करता है। दूसरी रिकॉर्डिंग में तीमारदार कहता है कि वह आधी दूर आ जाएगा।

एक अन्य रिकॉर्डिंग में पंकज बिचौलिये से पेमेंट ट्रांसफर करने को लेकर बातचीत कर रहा होता है। इसके अलावा लखनऊ और इंदौर में भी एक-एक इंजेक्शन पहुंचाने की बातचीत की रिकॉर्डिंग है। यह भी कहता है कि एक आईडी पर छह इंजेक्शन मिलेंगे।

पुलिस को पता चला है कि आरोपियों ने कोटक बैंक कक्कड़ रोड प्रयागराज शाखा से लेनदेन किया है। उधर सोमवार को एसीपी कर्नलगंज त्रिपुरारी पांडेय ने इंजेक्शन बनानी वाली कंपनी से संपर्क किया। पुलिस को पता चला है कि आरोपी ऐसे ही किसी पाउडर, ग्लूकोज का इस्तेमाल कर इंजेक्शन तैयार कर रहे थे।
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