पान मसाला खाने वालों के मुंह के अंदर खाल कमजोर होती है, सब म्युकस फाइब्रोसिस भी हो जाता है, इससे ब्लैक फंगस का संक्रमण आसानी से होता है। अगर कोई दांतों का पुराना रोगी है और कोविड भी हो गया तो ब्लैक फंगस को लेकर संवेदनशील हो जाता है। शुरुआत में संक्रमण पकड़ में आने से इलाज हो जाता है। इसमें पैनिक की जरूरत नहीं।
डॉ. अंकित मेहरोत्रा, पूर्व विभागाध्यक्ष दंत रोग, जेके कैंसर इंस्टीट्यूट
ये लोग हो सकते ब्लैक फंगस प्रभावित
- जो लोग कोरोना से ग्रसित रहे हों
- जो रोगी करीब महीने भर अस्पताल में भर्ती रहे हों
- जिनका ब्लड शुगर लेवल अनियंत्रित हो
- जिन्हें लंबे समय तक आक्सीजन दी गई हो
- दो चम्मच क्लोरहेक्सीडीन एक गिलास पानी में मिलाकर कुल्ला करें
- आधा चम्मच खाने का सोडा एक गिलास पानी में मिलाकर कुल्ला कर सकते हैं
- मसूड़ों में एंटी बैक्टीरियल मलहम लगाएं
- कोरोना रोगी एक बार दंत रोग विशेषज्ञ से जांच करा लें।