विधानसभा चुनाव भले ही अभी दूर हो, लेकिन भाजपा में टिकट के दावेदारों की सेटिंग-गेटिंग का खेल शुरू हो गया है। पार्टी में राष्ट्रीय स्तर के दस ऐसे नेता हैं जो कानपुर की 10 विधानसभा सीटों पर सीधे दखल रखते हैं।
टिकट की चाह रखने वाले नेता इन्हीं को ‘चारधाम’ मानकर परिक्रमा में जुट गए हैं। पार्टी के वर्तमान में सिर्फ चार विधायक हैं। बाकी पांच विधानसभा सीटों पर समाजवादी पार्टी और एक पर कांग्रेस का कब्जा है।
स्नातक क्षेत्र के एमएलसी चुनाव में जिस तरह पार्टी इतिहास बदलने में कामयाब हुई है, उसका जितना असर विरोधियों पर हुआ है, उससे कहीं ज्यादा पार्टी में टिकट के दावेदारों में हुआ हैं।
दावेदारों में फाइट बढ़ गई है और हर दावेदार को लग रहा है कि बिना किसी गॉड फादर के काम चलने वाला नहीं है। इसी के मद्देनजर सभी ने अपने-अपने राष्ट्रीय स्तर के नेताओं का वंदन शुरू कर दिया है।
इन सीटों पर होगा सबसे कड़ा मुकाबला
किदवईनगर, सीसामऊ, कल्यानपुर, बिठूर, बिल्हौर, घाटमपुर, गोविंद नगर, आर्यनगर, छावनी, महाराजपुर।
विधानसभा चुनाव तो अभी दूर है लेकिन दावेदारों की संख्या बढ़ने लगी है। ऐसे में पार्टी इस दिशा में बहुत सोच समझकर ही काम करेगी। राष्ट्रीय नेतृत्व से तय होने के बाद ही हरी झंडी मिल पाएगी।
- डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा