भाजपा के राष्ट्रीय अमित शाह बुधवार को प्रदेश में भाजपा के 54 हजार से ज्यादा बूथ अध्यक्षों को बूथ जीतने का मंत्र देंगे। वह अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए मोदी सरकार की ओर से उठाए कदम को बूथ अध्यक्षों को जरिए घर घर पहुंचाकर जमीन पर सियासी समीकरण दुरुस्त करने का गुर भी बता सकते हैं। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के बूथ अध्यक्षों का सम्मेलन कानपुर के रेलवे ग्राउंड और अवध क्षेत्र के बूथ अध्यक्षों का सम्मेलन लखनऊ के स्मृति उपवन में आयोजित किया गया है।
निराला नगर रेलवे ग्राउंड पर बुधवार को होने वाले बूथ सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में रहेंगे। वीआईपी एंट्री और मंच की सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कमांडो संभालेंगे।
ग्राउंड के पीछे जंगल में पुलिस की पांच टीमें कांबिंग करेंगी। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल से चार किमी की परिधि में रहने वाले लोगों के लाइसेंसी शस्त्र भी जमा करा लिए गए हैं। आसपास की 34 इमारतों पर 84 कमांडो दूरबीन, वायरलेस और आधुनिक शस्त्रों के साथ तैनात रहेंगे।
एसएसपी अनंत देव का कहना है कि एलआईयू और इंटेलीजेंस समेत कई खुफिया एजेंसियां संदिग्धों पर नजर रख रही है। सुरक्षा के लिहाज से ग्राउंड के आस-पास रहने वाले 150 परिवारों का सत्यापन भी कराया गया है।
Amit Shah
इतना फोर्स रहेगा तैनात
एसएसपी के मुताबिक चार एएसपी, 10 डिप्टी एसपी, चार कंपनी पीएसी, 180 दरोगा, 20 एसओ/इंस्पेक्टर, 1000 महिला/पुरुष सिपाही की तैनाती की गई है। इनमें दो एएसपी, चार डिप्टी एसपी और 300 सिपाहियों को रेंज के जिलों से बुलाया गया है। इसके अलावा एलआईयू, इंटेलीजेंस, बम निरोधी दस्ता, डॉग स्क्वॉयड, एटीएस और एसटीएफ भी मुस्तैद रहेगी।
मंच पर चढ़ने को लेकर भिड़े भाजपाई
मंच की जिम्मेदारी कार्यकर्ता आनंद राजपाल को सौंपी गई थी। बार-बार चढ़ने से मंच गंदा हो रहा था। इसी बीच महिला कार्यकर्ता अनीता त्रिपाठी मंच पर पहुंचीं तो आनंद ने उन्हें नीचे उतरने को कह दिया। इसके चलते दोनों में बहस हो गई।
झोपड़ी गिराने पहुंचे नगर निगम कर्मियों से भिड़े भाजपाई
रेलवे ग्राउंड के आसपास बने अवैध कब्जों को डीएम के निर्देश पर मंगलवार को नगर निगम की टीम ने ढहा दिया। इसके बाद पराग दूध डेयरी पुलिस चौकी के बगल में बनीं झोपड़ी गिराने पहुंचे तो बवाल हो गया। एक झोपड़ी कार्यकर्ता की होने की बात कहकर भाजपाइयों ने टीम को रोका, लेकिन अधिकारियों ने नहीं सुनी। बुलडोजर चालक ने जैसे ही झोपड़ी तोड़ने की कोशिश की भाजपाइयों ने उसका कॉलर पकड़कर गिरा लिया। इसके बाद भाजपाइयों और नगर निगम कर्मचारियों में नोकझोंक हुई। मामला हाथापाई तक पहुंचता अधिकारियों के निर्देश पर कर्मचारी झोपड़ी छोड़कर आगे बढ़ गए।