भाजपा से महानगर लोकसभा सीट पर कैबिनेट मंत्री सतीश महाना का टिकट पक्का होने के संकेत मिले हैँ। बताया जा रहा है कि वर्तमान सांसद डा. मुरली मनोहर जोशी से पार्टी के किसी वरिष्ठ पदाधिकारी ने दिल्ली में उनसे मुलाकात कर इस बार चुनाव में नहीं उतरने की अपील किया है। अपील में कहा गया है कि वे पार्टी के मार्गदर्शक हैं, उसी रूप में पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए दिशा निर्देश दें।
महाना को लोकसभा का टिकट मिलने को लेकर सुबह से ही शहर में चर्चा रही। महाना सात बार के विधायक है। वह एक बार पहले भी प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। इस संबंध में सतीश महाना का कहना है कि अभी उन्हें पार्टी स्तर से कोई दिशा निर्देश नहीं मिला है। जब तक प्रत्याशियों की सूची पार्टी से जारी नहीं हो जाती है, तब तक वह कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है।
डॉ. मुरली मनाेहर जोशी का कट सकता है टिकट
पार्टी का जैसा आदेश रहेगा वह उसी अनुरूप कार्य करेंगे। इधर सांसद जोशी के दिल्ली स्थित कार्यालय से जानकारी दी गई है कि पार्टी का कोई वरिष्ठ नेता सांसद जोशी से टिकट के मुद्दे पर बात नहीं करने आया। देर रात सूत्रों ने यह भी बताया कि प्रदेश की कोर कमेटी की तरफ से लोकसभा सीटों के लिए महानगर से जो नाम भेजे गए थे, उसमें सांसद जोशी का नाम नहीं था।
इससे पहले यह कहा जा रहा था कि जोशी और आडवाणी को चुनाव लड़ने का फैसला खुद ही करना है। पूर्व केंद्रीय और महानगर लोकसभी सीट से वर्तमान सांसद डा मुरली मनोहर जोशी का टिकट कटने की चर्चा मंगलवार को कानपुर से लेकर दिल्ली तक रही। जोशी का टिकट इस बार क्यों कटेगा इसे लेकर कई तर्क दिए जा रहे हैँ।
सांसद जोशी का कुछ ऐसा रहा पांच सालों का रिकार्ड
पहला तर्क यह है कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की तरफ से एक निजी एजेंसी के जरिए सभी सांसदों की लोकप्रियता का सर्वे कराया गया है। इस सर्वे रिपोर्ट में जोशी के लिए निगेटिव मार्किंग की गई। कहा जा रहा है कि सांसद जोशी पिछले पांच वर्षोँ में कानपुर के लोगों में ज्यादा लोकप्रिय नहीं हो पाए। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि वह कानपुर से लोगों के बीच समय कम दे पाते थे।
दूसरी वजह यह भी कही जा रही है कि प्रदेश की कोर कमेटी से जो नाम राष्ट्रीय इकाई को भेजे गए थे, उसमें जोशी का नाम नहीं था। इन सबसे अलग एक ओर चर्चा है कि लालकृष्ण आडवाणी की तरफ जोशी भी उम्रदराज नेता हैं, ऐसे में इस बार उनसे चुनाव नहीं लड़ने की अपील की गई है। इन सभी चर्चाओं पर विराम तभी लग पाएगा जब पार्टी की प्रत्याशियों की अधिकारिक सूची पार्टी की तरफ से जारी कर दी जाएगी।