फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा विधायक अभिजीत सांगा ने लगाया था नमामि गंगे परियोजना में घोटाले का आरोप, जांच शुरु

Sun, 26 Jan 2020 12:54 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
बिठूर घाट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कानपुर में भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा से लड़ाई में बिठूर में गंगा घाटों की सफाई ठप हो गई है। घाटों में जगह-जगह गंदगी फैली है। गंगा की सफाई कार्य को भी करारा झटका लगा है। नमामि गंगे परियोजना के तहत विशाल प्रोटेक्शन फोर्स को शहर और बिठूर के घाटों की सफाई की जिम्मेदारी सवा साल पहले सौंपी गई थी।
विज्ञापन


कंपनी ने तय समय से कई महीने बाद घाटों में सफाई शुरू की। इसी कार्य को लेकर कंपनी का बिठूर के विधायक अभिजीत सांगा और उनकी मां व बिठूर नगर पंचायत की अध्यक्ष डॉ. निर्मला सिंह से विवाद हो गया। कंपनी के महाप्रबंधक ने नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह को पत्र भेजकर विधायक और उनकी मां पर सफाई कार्य में अड़ंगा डालने का आरोप लगाया।
विज्ञापन

आरोप यह भी है कि कंपनी के मैनेजर और सुपरवाइजर को दुष्कर्म के फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है। राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के अपर निदेशक के निर्देश पर एसडीएम सदर हिमांशु गुप्ता ने शुक्रवार को जांच शुरू की तो कंपनी के मस्टर रोल में खामियां मिलीं। उन्हें 13 कर्मियों में से 10-11 ही मिले।

उधर, सीएम दफ्तर ने इस मामले से संबंधित कागज एकत्रित कराए हैं। इस विवाद के बीच शनिवार को अमर उजाला टीम ने बिठूर के घाटों में पड़ताल की तो जगह-जगह गंदगी, कूड़े के ढेर मिले। महिला घाट और बारादरी घाट के ऊपरी हिस्से में कई जगह कूड़े के ढेर लगे हैं।

यही हाल रानी लक्ष्मीबाई घाट, महाराज घाट समेत अन्य का है। एक स्थानीय नागरिक ने बताया हकीकत तो यह कि नमामि गंगे की तरफ से तैनात किए गए सफाईकर्मी सिर्फ खानापूर्ति करते हैं। कभी-कभी सफाई करते हैं तो सारा कूड़ा कचरा घाटों के ऊपर ही डंप कर देते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें