बिजली कटौती के मामले में सपा और भाजपा कार्यकर्ताओं का झगड़ा आम लोगों के लिए आफत बन गया। बुधवार को सपाइयों की शिकायत करने कोतवाली पहुंचे भाजपाइयों ने मेस्टन रोड पर जमकर प्रदर्शन किया।
इसकी वजह से काफी देर तक आवागमन बाधित रहा। दरअसल, मंगलवार रात करीब नौ बजे भाजपा युवा मोर्चा के कई नेता बिजली नहीं होने पर खास बाजार सब स्टेशन में प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि इसी बीच कुछ सपा नेता वहां पहुंचे और भाजपाइयों से भिड़ गए। पुलिस ने मामला शांत करा दिया था।
उसी मामले को लेकर भाजपा के प्रमुख नेता बुधवार को कोतवाली पहुंचकर सपाइयों की ज्यादती के विरोध में और ऐसे लोगों को गिरफ्तार करने की मांग लेकर प्रदर्शन करने लगे। इस बीच मेस्टन रोड के दोनों तरफ जाम लग गया। कुछ देर के बाद सभी भाजपाइयों को पुलिस अंदर ले गई।
कोतवाली इंस्पेक्टर और सीओ को भाजपा नेताओं ने एक ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि भाजपा कार्यकर्ताओं से मारपीट करने वाले सपा नेताओं को 24 घंटे में गिरफ्तार किया जाए।
प्रदर्शन में महानगर अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी, विधायक सतीश महाना, सलिल विश्नोई, रघुनंदन भदौरिया, भूपेंद्र त्रिपाठी, सुनील बजाज, रमापति, अमन, प्रमोद विश्वकर्मा, अक्षय द्विवेदी, वीरेंद्र शर्मा, रंजीत सोनकर, सत्येंद्र नाथ, दीपक, सुनील साहू, वैभव द्विवेदी, सहित तमाम लोग मौजदू रहे।
महंगी बिजली खरीद की बोली से पीछे हटा ऊर्जा निगम
अचानक आए बिजली संकट से उपभोक्ताओं को बचाने के लिए बिजली खरीद के लिए लगी बोली में यूपी ऊर्जा निगम पीछे हट गया। बुधवार को निगम ने बिजली खरीद के लिए साढ़े चार रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बोली लगाई थी, लेकिन आखिरी बोली 6.50 रुपये प्रति यूनिट पर जाकर छूटी।
निगम इतनी महंगी बिजली खरीद पाने में अपने असमर्थ समझते हुए आगे बोली लगाने से पीछे हट गया। सितंबर के महीने में आमतौर पर प्रदेश में बिजली की कुल खपत 247 मिलियन यूनिट होती है। जबकि इस समय कुल डिमांड 300 मिलियन यूनिट की है। इस समय प्रदेश के पास आपूर्ति के लिए सिर्फ 287 मिलियन यूनिट बिजली ही मिल रही है।
ऊर्जा निगम के एमडी एपी मिश्र ने बताया कि बारिश नहीं होने से कैनाल पंप काफी मात्रा में चलने लगे हैं। साथ ही सिंचाई के लिए ट्यूवेल चलने से बिजली की खपत बढ़ी है।
इस बीच विधायक सतीश निगम ने बताया कि महानगर की बिजली समस्या को लेकर बुधवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। विधायक के अनुसार मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि एक दो दिन में समस्या दूर हो जाएगी।
केस्को वाले तो एडीएम का फोन भी नहीं उठाते
ये केस्को वाले पब्लिक तो दूर एडीएम सिटी अविनाश सिंह का भी फोन नहीं उठाते हैं। कचहरी में तार टूटकर गिरने पर वकील कई बार केस्को कंट्रोल रूम को फोन मिलाते रहे लेकिन उठा ही नहीं।
इसकी शिकायत करने वकील एडीएम सिटी के पास पहुंचे। वकीलों की बात सुनकर एडीएम सिटी ने केस्को चीफ इंजीनियर को फोन मिलाया लेकिन उनका फोन भी नहीं उठा।
बाद में उन्होंने दूसरे अफसरों को फोन मिलाकर फाल्ट ठीक करने को कहा। बुधवार को दोपहर अधिवक्ता शशिकांत, वसीम अख्तर, सुरजीत सिंह एडीएम सिटी के पास पहुंचे।
उनका कहना था कि दो बजे कचहरी में मसजिद के पास तार टूटकर गिर गया। उससे चिंगारी निकलती देख वहां ईंटों से घेरा बना दिया गया। कंट्रोल रूम को कई बार फोन किया लेकिन वह उठा नहीं।