यूपी विधानसभा चुनाव में कानपुर-बुंदेलखंड की 52 विधानसभा सीटों में से 47 पर जीत हासिल करने के बाद क्षेत्रीय इकाई और जीते विधायकों को 2019 को लक्ष्य दिया गया है।
चित्रकूट में नानाजी देशमुख की स्थली पर शनिवार से शुरू हो रही दो दिवसीय समीक्षा बैठक के दूसरे दिन सभी विधायकों और प्रदेश सरकार में इस क्षेत्र से बने मंत्रियों को बुलाया गया है। कहा जा रहा है कि इस बैठक का उद्देश्य क्षेत्र की सभी लोकसभा सीटों पर पार्टी का झंडा बुलंद करना है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सत्यदेव पचौरी, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के अलावा सभी विधायक और भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल भी मौजूद रहेंगे। पार्टी का कहना है कि यह एक गेट-टूगेदर जैसा है, लेकिन इसके पीछे कहानी कुछ और ही बताई जा रही है। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में कुल दस लोकसभा सीटें हैं।
2014 लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में दस में से नौ सीटों पर पार्टी को जीत मिली थी। सिर्फ कन्नौज पर डिंपल यादव ने भाजपा को परास्त किया था। पार्टी का एजेंडा है कि इस बार क्लीन स्वीप करना है। इसलिए उन विधानसभा क्षेत्रों में ज्यादा मेहनत करने पर जोर दिया जाएगा, जहां पर पिछले लोकसभा चुनाव में कम वोट हासिल हुए थे।
इन बिंदुओं पर भी होगी चर्चा 6 अप्रैल को भाजपा के स्थापना दिवस पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम 16 अप्रैल को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर होने वाले कार्यक्रम संस्थापक पंडित दीन दयाल की जन्म शती पर आगे के कार्यक्रमों की रुपरेखा इन लोकसभा क्षेत्रों पर होगा फोकस कानपुर महानगर, अकबरपुर रनियां, बांदा-चित्रकूट, कन्नौज, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, उरई-जालौन, हमीरपुर-महोबा, झांसी-ललितपुर, इटावा-औरैया