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चाइनीज मांझे से कटी भाजपा नेता की गर्दन 

Wed, 10 May 2017 12:03 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद भी शहरों में चाइनीज मांझा बिक रहा है। मंगलवार को चाइनीज मांझे में फंसकर कानपुर के भाजपा नेता संतोष निगम की गर्दन कट गई और वह बाइक से गिरकर बुरी तरह से घायल हो गए। उन्हें बेनाझाबर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी गर्दन में 10 टांके लगे हैं। बेनाझाबर कालोनी निवासी भाजपा नेता संतोष निगम दोपहर में नवीन मार्केट स्थित पार्टी दफ्तर में आयोजित बैठक में भाग लेने गए थे। शाम वह बाइक से लौट रहे थे। चुन्नीगंज में बीएनएसडी इंटर कालेज के पास एक युवक चाइनीज पतंग उड़ा रहा था। इसी दौरान उनकी गर्दन मांझे की चपेट में आ गई। गर्दन कट गई और बाइक अनियंत्रित होने पर सड़क पर गिर गए। उनकी हालत देख राहगीर दौड़े और उन्हें सड़क के किनारे किया। इसके बाद कंट्रोल रूम को हादसे की सूचना दी। कर्नलगंज पुलिस मौके पर पहुंची और संतोष को इलाज के लिए हैलट ले गई। थोड़ी देर बाद अस्पताल पहुंचे परिजनों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। डॉक्टरों ने उनकी हालत खतरे के बाहर बताई है।
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  ऐसे तैयार होता है चाइनीज मांझा
मांझा बनाने का एक्सपर्ट आतिफ ने बताया कि नायलोन के धागे को केमिकल में डुबाया जाता है। इसके बाद मांझे को ज्यादा धारदार बनाने के लिए पिसी कांच से उसकी कोडिंग की जाती है। धारदार होने की वजह से किसी के भी शरीर को जख्मी कर देता है और धागा नायलोन का होने से वह टूटता नहीं है। बरेली का मांझा सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। सद्दी का मांझा 800 रुपये प्रति रील मिलता है। जबकि चाइनीज मांझा 200 रुपये रील मिलता है। जाफरी मांझा, रोहित मांझा, शाहिद, वाहिद मांझा, जिलानी का मांझा इस वक्त सबसे ज्यादा बिक रहा है। 

पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
-चार साल पहले फूलबाग एलआईसी रोड पर चाइनीज मांझे से बच्ची की गर्दन कट गई थी। वह पिता के साथ बाइक से जा रही थी। मांझे से गर्दन कटने से बाइक अनियंत्रित होकर स्लिप हो गई। इस हादसे में बच्ची की मौत हो गई।
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-डेढ़ साल पहले चुन्नीगंज में बाइक सवार बाबूपुरवा निवासी मो. आसिफ का मांझे से गाल कट गया था।
-करीब आठ महीने पहले कोयला नगर रोड में साइकिल सवार सुमित शर्मा का मांझे से गर्दन कट गई।
  यहां बिकता है चाइनीज मांझा
कानपुर शहर की ज्यादातर पतंग दुकानदार चाइनीज चाइनीज मांझा बेचते है। जब प्रशासन अभियान चलाता है तो ये लोग दुकान के बजाय घर से चाइनीज मांझा बेचने लगे है। मुख्य रूप से मेस्टन रोड में रोटी वाली गली, चमनगंज, बेकनगंज, मसवानपुर, रावतपुर, मछरिया, कर्नलगंज आदि इलाकों में खुलेआम मांझा बिकता है।
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