पत्रकारों से बातचीत करते पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल
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पूर्व सांसद व भाजपा नेता नरेश अग्रवाल ने जिले में तैनात अफसरों का नाम लिए बिना उनकी कार्यप्रणाली पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यहां तैनात कुछ अधिकारी यह समझ रहे हैं कि उन्होंने अपने छोटे से सेवाकाल में ही जिले को नियंत्रण में ले लिया है।
ऐसे अफसरों को इस्तीफा देकर चुनाव लड़ना चाहिए, ताकि उन्हें जनप्रतिनिधियों की दुश्वारियाें का भी अंदाजा लग सके। वैटगंज स्थित आवास पर प्रेस कांफ्रेंस में पूर्व सांसद ने कहा कि कुछ अफसरों के मन में जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की बात बैठ गई है।
उन्होंने कहा कि अफसर और जनप्रतिनिधि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। अफसरों को नसीहत देते हुए कहा कि जो अफसर थोड़े ही सेवाकाल में समझ लेते हैं कि उन्होंने जिले को नियंत्रण में कर लिया है, तो वे भूल कर रहे हैं। कहा कि वे 42 साल से जिले की सेवा कर रहे हैं, इसके बाद भी वह अभी जिले को नहीं समझ पाए।
अफसरों को पता नहीं क्यों चंद दिनों में ही गलतफहमी हो जाती है। ऐसे अफसरों को इस्तीफा देकर चुनाव लड़ना चाहिए, ताकि कम से कम पता चले कि जनप्रतिनिधि के सामने कितनी समस्याएं हैं और जनता जनप्रतिनिधि से क्या अपेक्षा करती है।
तब शायद अधिकारी जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा करना बंद कर देंगे। पूर्व सांसद ने कहा कि अफसर जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय से कार्य करें तो परिणाम भी अच्छे आएंगे। प्रेसवार्ता के दौरान नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष रामप्रकाश शुक्ला भी मौजूद रहे।
पंचायत चुनाव में होगी भाजपा की एकतरफा जीत
आगामी पंचायत चुनावों को लेकर पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि जिले ही नहीं पूरे प्रदेश में भाजपा की एकतरफा जीत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को समझना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 90 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 18 हजार करोड़ रुपये की रकम भेजी। अब से पहले किसी सरकार ने किसानों के लिए इतना कार्य नहीं किया। उन्होंने कहा कि कुछ किसान नेता अराजकता फैला रहे हैं।