केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने झंडी दिखाकर रवाना की रैली
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर में शनिवार दोपहर को निकाली गई भाजपा की कमल संदेश रैली शुरू से लेकर आखिरी तक चर्चा में रही। कई जगहों पर कार्यकर्ताओं में मारपीट और खींचतान भी हुई। बात गालीगलौज तक पहुंच गई। रैली को केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने झंडी दिखाकर रवाना किया था। वीरेंद्र स्वरूप पार्क से शुरू हुई बाइक रैली में शामिल किसी भी कार्यकर्ता और पदाधिकारी के सिर पर हेलमेट नहीं नजर आया। अध्यक्ष और विधायक सभी बगैर हेलमेट के सड़कों पर नजर आए जबकि तैयारी बैठकों में हेलमेट का इस्तेमाल करने की बात कही गई थी।
सभी विधानसभा क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं की टोली बेनाझाबर स्थित वीरेंद्र स्वरूप पार्क में एकत्र हुई। उमा भारती, कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी ने कार्यकर्ताओं से उत्साह के साथ रैली में भाग लेने को कहा। इस बीच यहां बने मंच पर फोटो सेशन को लेकर धक्कामुक्की शुरू हो गई। केंद्रीय मंत्री और कैबिनेट मंत्री के साथ फोटो कराने की इतनी होड़ मची कि कई कार्यकर्ताओं को फटकार दिया गया। उत्साह से रैली में शामिल होने आए कार्यकर्ता मायूस हो गए।
जय श्रीराम के नारे लगा रहा था, तभी मंच पर ही धक्कामुक्की शुरू हो गई
किसी भी कार्यकर्ता और पदाधिकारी के सिर पर हेलमेट नहीं नजर आया
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रैली में शामिल कार्यकर्ता केडीए, मोतीझील होते हुए आगे बढ़े। समापन किदवई नगर विधानसभा क्षेत्र साकेत नगर में हुआ। यहां भी मंच सजाया गया था। समापन अवसर पर प्रभारी मंत्री बाबूराम निषाद, विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ कार्यकर्ताओं का हुजूम जय श्रीराम के नारे लगा रहा था, तभी मंच पर ही धक्कामुक्की शुरू हो गई। पता चला कि कुछ समय पहले भाजपा में शामिल हुए अमरजीत पम्मी प्रभारी मंत्री के साथ मंच पर पहुंच गए थे।
यह देखकर नीचे खड़े सिंधी अकादमी के सदस्य गुरविंदर छाबड़ा ने प्रभारी मंत्री से एतराज जताया। तभी पम्मी को किसी ने मंच पर ही पीछे से खींच लिया। इससे बात बढ़ गई। मंच के नीचे भी पम्मी और गुरविंदर व उनके समर्थकों में नोकझोंक और धक्कामुक्की चलती रही। धक्का लगने से भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की क्षेत्रीय उपाध्यक्ष नाजिया सिद्दीकी भी गिर गईं। प्रभारी मंत्री ने बीच बचाव किया, तब जाकर मामला शांत हुआ। अमरजीत पम्मी का कहना है कि वह इस मामले को लेकर मुकदमा दर्ज कराएंगे।