भाजपा में अभी तक लोगों को जोड़ने का अभियान चल रहा था, अब जल्द ही तोड़ने का काम शुरू होगा। नहीं भाई हम गुटबाजी की बात नहीं कर रहे हैं, दरअसल पार्टी सदस्यता का रिकार्ड बनाने के बाद घर-घर जाकर अपने सदस्यों की पड़ताल करेगी।
इसमें जो सदस्य असामाजिक और अपराधी प्रवृत्ति के पाए जाएंगे उनकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएगी। इस अभियान के बाद कम हुए सदस्यों की भरपाई कैसे होगी, इस बारे में पार्टी ने अभी तक कुछ सोचा नहीं है। सदस्य बनाने का अभियान 31 मार्च को समाप्त हो रहा है।
एक दिन पहले ही भाजपा ने राष्ट्रीय स्तर पर दावा किया कि, वह पहली ऐसी राजनीतिक पार्टी बन गई है, जिसकी सदस्य संख्या विश्व में सबसे अधिक है। इसी तरह के रिकार्ड का दावा एक दो दिन के अंतराल में प्रदेश और जिला इकाइयों की ओर से भी किया जाएगा।
पार्टी सदस्य संख्या बढ़ाने के साथ साथ ही अपनी छवि का भी ध्यान रखना चाहती है। ऐसे में पार्टी पहले रिकार्ड कायम करने का डंका पीटेगी, फिर धीरे से ऐसे लोगों को बाहर का रास्ता दिखाएगी, जिनका ट्रैक रिकार्ड सही नहीं है। कानपुर जिला इकाई की बात की जाए तो यहां पर कुल सात लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
जो सदस्य फार्म भरकर बने हैं, उनकी सदस्य संख्या करीब डेढ़ लाख है, आॅनलाइन सदस्य संख्या का आंकड़ा 31 मार्च के बाद पता चलेगा। सोमवार को देर शाम तक सदस्यों के फार्म भरने और जमा करने का सिलसिला जारी रहा।
अभी हम अपने लक्ष्य को पूरा करने में जुटे हैं। क्योंकि सब कुछ आन लाइन हो रहा है, ऐसे में यह पता लगाना मुश्किल हैं, कि जो पार्टी से जुड़ रहे हैं, वे कैसे हैँ। इसलिए इसकी जांच पड़ताल के लिए केंद्रीय इकाई से निर्देश आएगा, सूची आएगी। उसी के आधार पर जांच पड़ताल की जाएगी।
-सुरेंद्र मैथानी महानगर अध्यक्ष भाजपा