UP: सपा के सामाजिक समीकरण का भाजपा ने दिया संगठनात्मक जवाब, इस समीकरण को किया जाएगा बैलेंस; ये है पूरा प्लान
Sat, 27 Jun 2026 09:57 AM IST
Sharukh Khan
पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, कानपुर
सार
समाजवादी पार्टी के सामाजिक समीकरण का भाजपा ने संगठनात्मक जवाब दिया है। क्षेत्रीय कार्यकारिणी में पिछड़ा-अगड़ा समीकरण बैलेंस किया जाएगा। 2024 के लोकसभा चुनाव में कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की 10 सीटों में सपा ने छह और भाजपा ने चार सीटें जीती थीं।
कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में 2024 के लोकसभा चुनाव में मिले बड़े झटके के बाद भाजपा ने 2027 की चुनावी बिसात सामाजिक समीकरणों के सहारे बिछानी शुरू की है। 2024 में समाजवादी पार्टी ने पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के सामाजिक समीकरण के दम पर कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की 10 में से छह सीटों पर जीत दर्ज की थी।
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सपा की यह जीत भाजपा के लिए एक बड़ा झटका थी। कारण कि 2019 में कानपुर-बुंदेलखंड की सभी 10 सीटें भाजपा ने जीती थी। ऐसे में अब भाजपा भी सपा के पीडीए की राह पर चल पड़ी है। संगठन में पिछड़े और दलित वर्ग की हिस्सेदारी बढ़ाकर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।
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कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में कानपुरनगर, अकबरपुर, फतेहपुर, बांदा, कन्नौज, इटावा, फर्रुखाबाद, जालौन, झांसी और हमीरपुर लोकसभा सीटें आती हैं। इनमें से बांदा, फतेहपुर, कन्नौज, इटावा, हमीरपुर और जालौन से समाजवादी पार्टी के सांसद हैं।
शेष चार लोकसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में विधानसभा की 52 सीटें हैं। 2022 के चुनाव में भाजपा को 40 सीटों पर जीत मिली थी। भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव में 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों की पुनरावृत्ति नहीं चाहती है।
मई में प्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार किया
2027 के चुनावी नतीजों के मद्देनजर भाजपा ने मई में प्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार किया। इसके बाद कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र से अन्य पिछड़ा वर्ग के पांच, अनुसूचित जाति के तीन और ब्राह्मण समाज के एक विधायक मंत्री हैं। प्रदेश कार्यकारिणी के गठन में भी सामाजिक प्रतिनिधित्व के इसी फार्मूले को भाजपा ने आगे बढ़ाया।
कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के एक ओबीसी नेता को प्रदेश के पिछड़ा मोर्चा की कमान सौंपी, जबकि क्षेत्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी पिछड़ा वर्ग के नेता को ही दी। इसके अलावा पिछड़ा और अनुसूचित जाति वर्ग के कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के चार अन्य नेताओं को प्रदेश संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देकर भाजपा ने अपने सामाजिक संतुलन के संदेश को और मजबूत किया।
भाजपा के नए क्षेत्रीय अध्यक्ष ने प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात की
भाजपा के कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के नवनियुक्त अध्यक्ष राम किशोर साहू ने शुक्रवार को पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष और एमएलसी मानवेंद्र सिंह से विजयनगर स्थित उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। मानवेंद्र सिंह ने कहा कि आपके नेतृत्व में 2027 के विधानसभा चुनाव में कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में भाजपा का प्रदर्शन जबरदस्त रहेगा।
इस दौरान भाजपा से रीता कठेरिया, पंकज गुप्ता, रामलखन रावत, संजय विश्वकर्मा सहित अन्य नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसके बाद वह लखनऊ रवाना हो गए। लखनऊ में उन्होंने और पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल से शिष्टाचार मुलाकात की। क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी अनूप अवस्थी ने बताया कि नवनियुक्त अध्यक्ष 29 जून को क्षेत्रीय कार्यालय आकर कार्यभार संभालेंगे।
क्षेत्रीय कार्यकारिणी में पिछड़ा-अगड़ा समीकरण किया जाएगा बैलेंस
भाजपा के कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र से अगड़ी जाति के किसी नेता को इस बार की प्रदेश कार्यकारिणी में जगह नहीं मिल पाई है। इसे लेकर भाजपा के नेताओं में ही तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। भाजपा की क्षेत्रीय इकाई के एक नेता ने शुक्रवार को कहा कि हमारी कार्यकारिणी में तकरीबन 31 पद होते हैं।
पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल के कार्यकाल में उनकी कार्यकारिणी में 50 प्रतिशत नेता दलित और पिछड़ा वर्ग से थे। शेष 50 प्रतिशत सामान्य वर्ग से थे। उम्मीद है कि चुनावी साल में पिछड़ा-अगड़ा समीकरण को बैलेंस करके ही क्षेत्रीय नेतृत्व आगे बढ़ेगा।