डेरापुर। लंबे समय तक भाजपा में शामिल रहे हर्षवर्धन सिंह की पुत्र वधू वंदना सिंह को पार्टी ने ब्लॉक प्रमुख चुनाव में टिकट नहीं दिया। इससे नाराज हर्षवर्धन उर्फ भंवर साहब के बेटे व बहू ने पार्टी छोड़ दी। इसके बाद सपा जिलाध्यक्ष से संपर्क कर पार्टी का दामन थाम लिया। हालांकि उनके नामांकन में सपा सहित भाजपा के लोग भी शामिल हुए।
सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद यादव गुरुवार को पूर्व विधायक मिथलेश कटियार सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ हर्षवर्धन सिंह के घर पहुंचे। सबसे पहले उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इसके बाद सपा कार्यकर्ताओं ने घर की छत पर लगे भाजपा के झंड़े को उतार कर सपा का झंडा लगा दिया। यहां से वंदना सिंह सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ डेरापुर नामांकन स्थल पहुंची।
इस दौरान नामांकन में उनके साथ भाजपा के लोग भी शामिल रहे। हर्षवर्धन सिंह ने कहा कि भाजपा ने उनके अब तक पार्टी के लिए गए कार्यों की गणना नहीं की। ऐसे प्रत्याशी को टिकट दिया, जिसका क्षेत्र से कोई लेनादेना नहीं रहा।
बेटे पुष्पहास सिंह ने कहा कि भाजपा अपने उसूलों से भटक चुकी है। अपने पराये की पहचान नहीं रही। चाटुकारों के इशारे पर पार्टी में काम किया जा रहा है। इस दौरान गुड्डन सिंह, विजय यादव, पवन प्रताप सिंह गौर, मदन मिश्रा, मयंक मिश्रा, पुष्पेंद्र सिंह, हिम्मत यादव, प्रबुद्ध श्रमशील आदि मौजूद रहे।
वंदना सिंह पूर्व विधायक की हैं बेटी
डेरापुर। डेरापुर ब्लॉक में सपा से ब्लॉक प्रमुख पद के लिए नामांकन करने वाली वंदना सिंह काशीपुर मैथा निवासी पूर्व विधायक स्व. कृष्ण पाल सिंह की बेटी हैं। जबकि उनके ससुर हर्षवर्धन सिंह सिठमरा से जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। वह गांव की प्रधान भी रह चुकी है। इस बार बीडीसी सदस्य का चुनाव जीतने के बाद ब्लाक प्रमुख के लिए नामांकन दाखिल किया है। वह राजनीति परिवार से रहीं है।