अखिलेश और सुब्रत के बीच जुबानी जंग तेज
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कन्नौज में पूर्व सांसद डिंपल यादव पर अमर्यादित टिप्पणी करने का आरोप लगने के बाद अखिलेश यादव और सांसद सुब्रत पाठक के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। अखिलेश के बयान के बाद सुब्रत पाठक ने चुनौती भरे लहजे में कहा है कि अगर उन्होंने ऐसी कोई टिप्पणी की है तो वह सबूत पेश करें।
सबूत सही होता है तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे, नहीं तो अखिलेश माफी मांगे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद भाजपा और सपा समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है।
सांसद के खिलाफ इटावा के एक युवक के फेसबुक पर अभद्र कमेंट पोस्ट करने पर भाजपा नेताओं ने कार्रवाई की मांग कर छिबरामऊ सीओ को ज्ञापन सौंपा है। उधर, पूर्व राज्यमंत्री और छिबरामऊ विधायक अर्चना पांडेय ने कहा है कि अखिलेश यादव पत्नी की हार को पचा नहीं पा रहे हैं।
इससे ऐसे बयान दे रहे हैं। तिर्वा मेडिकल कालेज में घायलों का हाल जानने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा था कि ‘यहां के सांसद (नाम नहीं लिया था) और बीजेपी के लोग डिंपल के लिए कुछ भाषा इस्तेमाल करते हैं, जो मुझे अच्छा नहीं लगता है।
और मैं नहीं चाहता हूं कि कोई चीज हमें अच्छी न लगे वो उन्हीं को वैसा ही कहीं हिसाब किताब न दे दें। क्योंकि हम भी उन्हीं जैसे हैं, इसलिए हम चाहेंगे कि बीजेपी के लोग खासकर जो बड़े नेता हैं उनकी भाषा में सुधार आना चाहिए। अगर भाषा में सुधार नहीं आएगा तो समाजवादी पार्टी जानती है कि उनकी भाषा कैसे सुधारी जाती है।’
अखिलेश का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल होते ही भाजपा भी एक्शन मोड में आ गई। सुब्रत पाठक ने कहा कि अगर मेरी ओर से डिंपल यादव के लिए की गई अभद्र टिप्पणी का कोई वीडियो अथवा क्लिप है तो उसे सार्वजनिक करें, मैं राजनीति से सन्यास ले लूंगा, अन्यथा अखिलेश यादव इस बयान के लिए सार्वजनिक माफी मांगें।
सांसद के पक्ष में उतरी भाजपा
सांसद सुब्रत पाठक और भाजपा नेताओं पर डिंपल को लेकर अमर्यादित टिप्पणी करने का आरोप लगने के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत और पूर्व राज्यमंत्री व छिबरामऊ विधायक सांसद के साथ आ गई हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि अखिलेश यादव ने सांसद सुब्रत पाठक पर अनर्गल आरोप लगाया है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने धमकी भी दी है कि हम उसी भाषा में जवाब दे सकते हैं।
जिलाध्यक्ष का कहना है कि सांसद महिलाओं को लेकर किसी तरह की अभद्र टिप्पणी करना तो दूर, ऐसा सोचा भी नहीं सकते। भाजपा का प्रत्येक पदाधिकारी अन्य राजनीतिक दलों की अपेक्षा अधिक संवेदनशील, ईमानदार, मर्यादित और स्वच्छ छवि के लिए समाज में जाना जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का बयान निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। उधर, पूर्व राज्यमंत्री अर्चना पांडेय ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री पत्नी की हार को पचा नहीं पा रहे हैं। इससे इस तरह की गलत बयानबाजी कर रहे हैं।