कानपुर देहात। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध महिला अस्पताल में शनिवार को बायोकैमिस्ट्री मशीन खराब हो गई है। इस वजह से डॉक्टर के परामर्श के बाद एसएनसीयू में भर्ती बच्चे के अभिभावक सैंपल लेकर जांच कराने निजी लैब पहुंच रहे हैं। सीएमएस ने मरम्मत के लिए कंपनी को सूचना दे दी है।
महिला अस्पताल में सामान्य और ऑपरेशन से प्रसव के अलावा नवजात बच्चों को भर्ती किया जाता है। मरीजों को 24 घंटे मिलने वाली सुविधा से बायोकैमिस्ट्री मशीन बार-बार धोखा दे जा रही है। पांच दिन पहले मशीन खराब हो गई थी। इस वजह से जांच कराने आए मरीजों को निजी लैब का रुख करना पड़ा था। सीएमएस ने मरम्मत करने वाली कंपनी को सूचना दी तो कर्मचारियों ने उसकी मरम्मत की। इसके बाद शनिवार को फिर से बायोकैमिस्ट्री मशीन खराब हो गई है। इस वजह भर्ती महिलाओं से लेकर नवजात बच्चों की जांच बाहर से करानी पड़ रही है।
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यह जांचें हैं प्रभावित
लिवर फंक्शन टेस्ट, मैग्नीशियम टेस्ट, कैल्शियम टेस्ट, टोटल प्रोटीन टेस्ट, एल्ब्यूमिन टेस्ट, सीबीसी।
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केस एक
एसएनसीयू में भर्ती अंशु के पिता को डॉक्टर ने सीबीसी, सीआरपी और सीरम की जांच कराने की बात कही, जब वह महिला अस्पताल की लैब पहुंचे तो वहां बायोकैमिस्ट्री मशीन खराब होने की जानकारी हुई। इसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने अंशु का सैंपल लेकर निजी लैब में जांच कराई।
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केस दो
एसएनसीयू में भर्ती नवजात रितिक का स्वास्थ्य ठीक न होते देख डॉक्टर ने सीआरपी जांच कराने की बात उसके पिता से कही, लैब गए तो पता चला कि बाहर से जांच होगी। स्वास्थ्यकर्मियों से सैंपल निकलवाकर जांच के लिए निजी लैब ले गए।
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वर्जन.....
शनिवार को बायोकैमिस्ट्री मशीन खराब हो गई है। इस वजह से मरीजों की जांच नहीं हो पाई। मरम्मत के लिए कंपनी को सूचना दी है। कर्मचारियों ने सोमवार को आने की बात कही है। - डॉ. वंदना सिंह, सीएमएस