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बिकरू कांड: आईपीएस, पीपीएस से लेकर सिपाही तक पर गिरी गाज, पुलिसकर्मियों पर हुई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई

Fri, 02 Jul 2021 04:24 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

बिकरू कांड में तत्कालीन चौबेपुर थाना प्रभारी विनय तिवारी और दरोगा केके शर्मा जेल में बंद हैं। दोनों पर विकास दुबे को मुखबिरी कर वारदात की साजिश में शामिल होने का आरोप है।
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विकास दुबे कांड - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बिकरू कांड में 50 से अधिक पुलिसकर्मियों पर गाज गिर चुकी है। आईपीएस, पीपीएस से लेकर इंस्पेक्टर, दरोगा और सिपाही इसकी जद में आए। ये पहला मामला होगा, जिसमें इतनी अधिक संख्या में पुलिसकर्मी फंसे और नपे। लगभग सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच पूरी हो गई है। जिसमें वो दोषी पाए गए हैं।
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विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। बिकरू कांड में तत्कालीन चौबेपुर थाना प्रभारी विनय तिवारी और दरोगा केके शर्मा जेल में बंद हैं। दोनों पर विकास दुबे को मुखबिरी कर वारदात की साजिश में शामिल होने का आरोप है। एसआईटी ने अपनी जांच में वृहद दंड के तहत सात पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया।

अन्य 30 पुलिसकर्मियों को लघु दंड के तहत दोषी माना। इन सभी 37 पुलिसकर्मियों की प्रारंभिक जांच पूरी हो चुकी है। वहीं 11 सीओ की जांच भी पूरी कर ली गई है। वहीं पूर्व एसएसपी अनंत तिवारी पर मामले में गाज गिरी थी। निलंबित किए गए थे। आज भी वो निलंबित हैं। विभागीय कार्रवाई जारी है।
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इसके अलावा दो पीपीएस अफसर प्रद्युम्न सिंह व डीएसपी सूक्ष्म प्रकाश को भी दोषी बनाया गया है। एक अन्य होमगार्ड महेंद्र सिंह के खिलाफ एंटी करप्शन की जांच चल रही है। सूत्रों के मुताबिक वृहद दंड के तहत दोषी पाए गए पुलिसकर्मी बर्खास्त किए जाएंगे। हालांकि पूरे मामले में विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया बहुत धीमी चल रही है।
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